सराकेला : एक तरफ वैश्विक महामारी कोरोना का खौफ तो दूसरी तरफ झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में जंगली हाथियों का तांडव. जहां आए दिन जिले के चांडिल और सरायकेला अनुमंडल में जंगली हाथियों का कहर इंसानों पर आफत बनकर टूट रहा है. जहां हर दूसरे दिन जंगली हाथी जान और माल को नुकसान पहुंचा रहे हैं. ताजा मामला सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई थाना क्षेत्र का है. जहां हथनाबेड़ा से सटे जंगल से लकड़ी चुनकर लौट रहे एक बुजुर्ग को जंगली हाथियों ने कुचल दिया, जिससे बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं मौके पर पहुंच पुलिस ने शव को पोसेटमार्टम के लिए भेज दिया है. बताया जा रहा है कि इलाके में जंगली हाथियों ने डेरा डाल रखा है और आए दिन किसी न किसी रूप में जान और माल को क्षति पहुंचा रहा है. वहीं लोगों में वन विभाग के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है. बताया जाता है कि मृतक जंगल से लौट रहे थे कि अचानक से हाथी उनके सामने आ गया. वह किसी तरह भागने की कोशिश की थी, लेकिन हाथी ने उसका पीछा कर उसको धर दबोचा और मार डाला.

झारखंड में हाथियों और मानव के बीच टकराव की कहानी काफी पुरानी है. इसके तहत कई जगहों पर इस तरह का टकराव होता है. हाथियों की भी किसी न किसी हादसे में मौत होती रहती है. लेकिन अधिकांश समय आदमी की ही मौत हो जाती है. दलमा जंगल के आसपास के गांवों में हाथियों का उत्पात होता है, लेकिन सच्चाई यह है कि लोगों ने भी जंगल में ही अपना घर बना लिया है, जिससे काफी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. इसको लेकर कुछ हद तक आदमी भी जिम्मेदार है क्योंकि हाथियों के आश्रय में लोगों की इंट्री हो जा रही है, जिस कारण हाथी भी उग्र हो रहे है. ऊपर से उनका दाना पानी भी छिनता जा रहा है, जिस कारण काफी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

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