गुमला. सदर अस्पताल में शनिवार को कोरोना के बीच भयावह तस्वीर नजर आई। यहां प्रसूता वार्ड के बाहर नवजातों के साथ करीब 12 प्रसूताएं लेटी रहीं। इस दौरान उनसे बातचीत की गई तो कहा कि प्रसूता वार्ड में सभी 32 बेड मरीजों से भरे हुए हैं। ऐसे में उन्हें अस्पताल प्रबंधन द्वारा यहां लिटाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर और नर्स भी उन्हें देखने नहीं आ रहीं हैं। वहीं इस संबंध में सिविल सर्जन विजया भेंगरा ने बताया कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है लेकिन मीडिया से सूचना मिलने के बाद वे खुद अस्पताल जाकर हालातों का जायजा लेंगी।
सदर अस्पताल में शुक्रवार शाम से लेकर शनिवार दोपहर तक करीब 10 से 12 बच्चों का जन्म हुआ है। इस दौरान ईंट भट्ठा में काम करने वाली प्रसूता छत्तीसगढ़ निवासी उमा बघेल, मुर्गू गांव निवासी ममता देवी, नावाडीह निवासी अफरीता खाका, लातेहार महुआडांड निवासी बिलचेल टोप्पो, अंबाटोली निवासी पाचो उरांव ने बताया कि नवजात के जन्म के बाद उन्हें कुछ घंटों बाद ही महिला वार्ड 226 में शिफ्ट किया गया। उन्होंने बताया कि वार्ड में 34 बेड हैं लेकिन सभी पहले से ही मरीजों से भरा था। इसके बाद बेड खाली नहीं रहने पर उन्हें अस्पताल प्रबंधन के द्वारा बरामदे में लिटा दिया गया।