यहां ऐसी सामान्य गलतियों के बारे में बताया गया है जो इम्युन सिस्टम को निर्बल कर सकती हैं.
नियमित रूप से व्यायाम न करना
फ्रंटियर्स ऑफ इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित एक रिव्यू के मुताबिक नियमित रूप से कार्य करना इम्युनिटी को बढ़ाता है. व्यायाम एंटीबॉडी व सफेद रक्त कोशिकाओं दोनों को बढ़ाता है, जो शरीर को संक्रमण को टारगेट करने व इसे प्रभावी तरीका से लड़ने की अनुमति देता है.
फ्रंटियर्स ऑफ इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित एक रिव्यू के मुताबिक नियमित रूप से कार्य करना इम्युनिटी को बढ़ाता है. व्यायाम एंटीबॉडी व सफेद रक्त कोशिकाओं दोनों को बढ़ाता है, जो शरीर को संक्रमण को टारगेट करने व इसे प्रभावी तरीका से लड़ने की अनुमति देता है.
पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं
यदि छह से आठ घंटे की नींद लेने की सलाह नहीं मानते हैं, तो यह इम्यूनसिस्टम पर भारी पड़ सकता है. जब सोते हैं, तो शरीर साइटोकिन्स जारी करता है जो कि एक प्रोटीन है व वह शरीर को संक्रमण और सूजन से बचाता है. यदि सोते नहीं हैं, तो शरीर पर्याप्त साइटोकिन्स का उत्पादन नहीं कर सकता है, जो बैक्टीरिया व वायरस से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकता है.
प्रोसेस्ड फूड से लगाव
रिफाइंड कार्ब्स, चीनी व नमक से भरपूर आहार इम्यून सिस्टम को अपना कार्य करने के लिए परेशानी दे सकते हैं. प्रोसेस्ड फूड्स आंत में गुड बैक्टीरिया पर हमला करते हैं, जिससे आंत बैड बैक्टीरिया के प्रति अतिसंवेदनशील हो जाता है. हालांकि, कभी-कभार सोडा का सेवन फ्लू के जोखिम नहीं बढ़ाएगा, लेकिन यदि इसे नियमित रूप से कर रहे हैं, तो यह इम्यून सिस्टम पर प्रभाव डाल सकता है. मार्च 2020 में किए गए व साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन में प्रकाशित हुए अध्ययन के मुताबिक ज्यादा नमक वाला आहार खाने से शरीर में बैक्टीरिया को मारने की क्षमता क्षीण हो सकती है.
रिफाइंड कार्ब्स, चीनी व नमक से भरपूर आहार इम्यून सिस्टम को अपना कार्य करने के लिए परेशानी दे सकते हैं. प्रोसेस्ड फूड्स आंत में गुड बैक्टीरिया पर हमला करते हैं, जिससे आंत बैड बैक्टीरिया के प्रति अतिसंवेदनशील हो जाता है. हालांकि, कभी-कभार सोडा का सेवन फ्लू के जोखिम नहीं बढ़ाएगा, लेकिन यदि इसे नियमित रूप से कर रहे हैं, तो यह इम्यून सिस्टम पर प्रभाव डाल सकता है. मार्च 2020 में किए गए व साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन में प्रकाशित हुए अध्ययन के मुताबिक ज्यादा नमक वाला आहार खाने से शरीर में बैक्टीरिया को मारने की क्षमता क्षीण हो सकती है.
नियमित रूप से शराब का सेवन
नियमित रूप से शराब पीने से इम्यून सिस्टम को नुकसान होने कि सम्भावना है. एल्कोहल आंत में स्वस्थ व अस्वास्थ्यकर बैक्टीरिया के बीच संतुलन को बिगाड़ती है. यह स्वस्थ जीवाणुओं को दूर करती है, तो अधिक बैड बैक्टीरिया रक्तप्रवाह से गुजरते हैं, जिससे लिवर की सूजन हो सकती है. एल्कोहल की कोई भी मात्रा इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकती है.
नियमित रूप से शराब पीने से इम्यून सिस्टम को नुकसान होने कि सम्भावना है. एल्कोहल आंत में स्वस्थ व अस्वास्थ्यकर बैक्टीरिया के बीच संतुलन को बिगाड़ती है. यह स्वस्थ जीवाणुओं को दूर करती है, तो अधिक बैड बैक्टीरिया रक्तप्रवाह से गुजरते हैं, जिससे लिवर की सूजन हो सकती है. एल्कोहल की कोई भी मात्रा इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकती है.