हिंदपीढ़ी में एक और संक्रमित मिला, 207 जिलों में संक्रमण फैलने का अधिक खतरा
आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमण को लेकर पूरे देश को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। पहली श्रेणी वैसे जिलों की है, जहां कोरोना का संक्रमण फैल चुका है। रेड जोन के रूप में चिह्नित इन जिलों को हॉटस्पॉट कहा गया है। इस जोन में 170 जिले रखे गये हैं, जिनमें रांची और बोकारो को शामिल किया गया है। देश के कुल 207 जिलों को आॅरेंज जोन में रखा गया है। इन जिलों में संक्रमण फैलने का खतरा है। तीसरी सूची में वैसे जिले शामिल किये गये हैं, जहां अब तक संक्रमण नहीं फैला है। इन्हें ग्रीन जोन कहा गया है। इन जिलों पर निगरानी रखी जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि विस्तृत सूची राज्य सरकारों को भेजी जा चुकी है।
रांची में 14 और बोकारो में नौ संक्रमित
झारखंड में अब तक 28 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। इनमें से दो की मौत हो चुकी है। रांची में बुधवार को एक और संक्रमित मिलने से संक्रमितों की संख्या 14 हो गयी है। इनमें से एक की मौत हो चुकी है। सभी हिंदपीढ़ी इलाके के हैं। इसी तरह बोकारो में नौ संक्रमित मिले हैं। जिनमें से एक की मौत हो चुकी है। बुधवार को हिंदपीढ़ी और बोकारो के साड़म में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया।
- हेमंत ने की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात, जांच की गति तेज करने का किया आग्रह
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात हुई है। राज्य में कोरोना से संबंधित जांच को और गति मिले, अधिक से अधिक संख्या में चिकित्सक जांच कार्य कर सकें, इस निमित्त केंद्रीय मंत्री से लैब और टेस्ट किट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन की व्यावहारिकता से परिचित होने के बाद सरकार आगे का निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण और लॉक डाउन के मद्देनजर राज्य भर में संस्थाओं द्वारा गरीबों व असहायों को भोजन उपलब्ध कराया जाना सराहनीय है। प्रजापति समाज द्वारा भोजन उपलब्ध कराने के क्रम में आज शहीद मैदान जाना हुआ। हर दिन सैकड़ों लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। विपरीत परिस्थितियों में जरूरतमंदों को मदद पहुंचाने की सोच सभी की होनी चाहिए। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने का कार्य शरारती तत्व करते हैं। ऐसे लोग परिस्थितियों को भी नहीं देखते। सरकार की इन पर नजर है। सरकार इनसे सख्ती से निपटेगी।
क्या होता है हॉटस्पॉट
स्वास्थ्य मंत्रालय के नियमों के अनुसार, जिन जिलों में छह या उससे अधिक कोरोना संक्रमित मिले हैं, उन्हें हॉटस्पॉट घोषित किया जाता है। फिर संबंधित जिला प्रशासन उस इलाके को हॉटस्पॉट या कंटेनमेंट जोन घोषित कर देता है। कोरोना हॉटस्पॉट के रूप में कुछ घरों से लेकर, रिहाइशी सोसाइटी, कॉलोनी या एक पूरे सेक्टर तक के इलाके चिन्हित किये जा सकते हैं। कोरोना हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित इलाकों में लॉकडाउन का शत प्रतिशत पालन कराने का आदेश दिया गया है। इन इलाकों में किसी भी तरह की दुकान को खुलने की इजाजत नहीं होगी। प्रवेश और निकास के दरवाजों पर पुलिस का सख्त पहरा होगा। किसी भी शख्स के आने या इनसे बाहर जाने पर पाबंदी होगी।