लोगों से बेवजह घर से नहीं निकलने और भीड़ से बचने की अपील

आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झारखंड में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने रविवार को बड़ा फैसला किया। इसके तहत राज्य में आयोजित होनेवाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गयी हैं। जेपीएससी की दो मई को होनेवाली परीक्षा भी इसमें शामिल है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ अपने आवास पर बैठक की और कोरोना से उत्पन्न स्थिति पर विचार किया। इसके बाद उन्होंने सरकार द्वारा लिये गये फैसलों की जानकारी दी।
एक माह बाद होगी स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार द्वारा शनिवार को सर्वदलीय बैठक बुलायी गयी थी। रविवार को सरकार के सहयोगी दलों के साथ भी बैठक की गयी। राज्य में कोरोना की स्थिति को ध्यान में रखकर कई महत्वपूर्ण विचार तथा सुझाव विपक्ष के साथियों की तरफ से भी आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने प्राथमिक स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। इसके तहत राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज, आइटीआइ संस्थान, कोचिंग संस्थान, ट्रेनिंग संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्रों को अगले आदेश तक के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। शादी-विवाह समारोह में शामिल होने हेतु पहले जो अधिकतम संख्या दो सौ लोगों की थी, अब उसे घटाकर अधिकतम 50 कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्कूल, कॉलेज तथा संस्थागत जितनी भी परीक्षाएं होनी थीं, उनको अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। एक महीने के उपरांत फिर राज्य सरकार इसकी समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थिति में सरकार द्वारा समय-समय पर संक्रमण को नियंत्रित करने के निमित्त आवश्यक निर्णय लिया जाता रहेगा।
आॅक्सीजनयुक्त बेड बढ़ाने का किया जा रहा है प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण की वास्तविक स्थिति से सभी लोग वाकिफ हैं। लोग अपने इर्द-गिर्द तथा मोहल्लों में संक्रमण की स्थिति को महसूस कर रहे हैं। सरकार अपने सीमित संसाधनों के माध्यम से व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए और मजबूती से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ कैसे दे पायें, इसके लिए लगातार प्रयासरत है। पूरे राज्य में जिला स्तर पर अस्पतालों में आॅक्सीजन युक्त बेड बढ़ाने का प्रयास लगातार जारी है। राज्य में जो भी मेडिकल कॉलेज अथवा रिसर्च सेंटर हैं, वहां बेड की संख्या बढ़ाना सुनिश्चित कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि संक्रमण की गति में कमी नहीं आयी है। यह गति कब तक रहेगी, यह कह पाना अभी मुश्किल है। फिर भी संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने प्राथमिक स्तर पर कई निर्णय लिये हैं।
संक्रमण को हल्के में न लेने की अपील
मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से आग्रह किया कि कोविड-19 संक्रमण को हल्के में न लें। इस बार के संक्रमण में बड़े, बुजुर्ग, बच्चे सभी वर्ग के लोग चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने खासतौर पर नौजवानों से बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है । उन्होंने कहा कि बाहर आप जिससे भी मिलते हैं, वह कोरोना पॉजिटिव हो सकता है, इस सोच के साथ मिलें। इस दौरान सामाजिक दूरी अवश्य बनाये रखें। आप स्वयं सुरक्षित रहें तथा अपने परिजनों को भी सुरक्षित रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष परिस्थिति में जब भी घर से बाहर निकलें, तो मास्क का उपयोग अवश्य करें।

रिम्स की सभी ओपीडी सेवाएं बंद
इधर राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में सभी ओपीडी सेवाओं को बंद कर दिया गया है। ओपीडी के सभी डॉक्टरों और कर्मियों को कोविड मरीजों के इलाज के लिए लगाया गया है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक ने जारी आदेश में कहा है कि इमरजेंसी सेवा पूर्ववत जारी रहेगी, लेकिन ओपीडी में सोमवार से कोई इलाज नहीं होगा।
आज से अदालतों में भी काम बंद
कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्यभर में अदालतों का काम भी बंद कर दिया गया है। झारखंड राज्य बार काउंसिल ने कहा है कि 19 अप्रैल से 25 अप्रैल तक राज्य की किसी भी अदालत में कोई काम नहीं होगा। यहां तक कि वर्चुअल काम भी इस दौरान बंद रहेगा।
दुकानें होने लगीं बंद, स्वत: होने लगा लॉकडाउन
इस बीच राजधानी रांची समेत राज्य के कई शहरों में दुकान और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद होने लगे हैं। शनिवार को रांची के शास्त्री मार्केट के दुकानदारों ने बाजार को 25 अप्रैल तक के लिए बंद रखने का फैसला किया था। रविवार को रांची के अटल वेंडर मार्केट के दुकानदारों ने बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर 26 अप्रैल तक अपनी दुकानें बंद करने की घोषणा की। कई इलाकों में लोग स्वत: लॉकडाउन लगाने लगे हैं, हालांंकि मुहल्लों में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत न हो, इसकी व्यवस्था भी लोग खुद करने लगे हैं।
लोक उपक्रमों से राज्य सरकारों की मदद करने का किया आग्रह
इधर केंद्र सरकार ने देश भर में फैले लोक उपक्रमों और केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों को राज्य सरकारों की मदद करने का आग्रह किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस बारे में केंद्र के सभी विभागों के प्रमुखों को पत्र भेजा है। उनसे आग्रह किया गया है कि वे राज्यों में स्वास्थ्य तथा अन्य सुविधाएं मुहैया कराने में सक्रिय भूमिका निभायें।

162 आॅक्सीजन संयंत्र लगायेगी मोदी सरकार

उधर देश भर के अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर, कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा रेमडेसिविर और आॅक्सीजन की भारी किल्लत चल रही है, जिसके चलते मरनेवालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीच रविवार को केंद्र सरकार ने 162 से ज्यादा आॅक्सीजन संयंत्र लगाने को मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि 162 आॅक्सीजन संयंत्र में से 33 पहले ही स्थापित किये जा चुके हैं, जिनमें से पांच मध्यप्रदेश में, चार हिमाचल प्रदेश में, तीन-तीन चंडीगढ़, गुजरात और उत्तराखंड में और दो-दो बिहार, कर्नाटक, और तमिलनाडु में बनाये गये हैं।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, पंजाब और उत्तर प्रदेश में एक-एक संयंत्र लगाया गया है।
दोे दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में आॅक्सीजन की कमी पर चिंता जतायी थी और 50 हजार मीट्रिक टन आॅक्सीजन के आयात की अनुमति दी थी। यह आॅक्सीजन संकट से सबसे बुरी तरह प्रभावित 12 राज्यों को भेजे जायेंगे।

बिहार में नाइट कर्फ्यू

पड़ोसी राज्य बिहार में नाइट कर्फ्यू का एलान कर दिया गया है। यह कर्फ्यू रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक रहेगा। इस दौरान सब्जी, फल, अंडे और मांस बेचनेवाली सभी दुकानें शाम छह बजे के बाद बंद हो जायेंगी। रेस्टोरेंट में बैठकर खाना प्रतिबंधित रहेगा, लेकिन होम डिलीवरी नौ बजे रात तक होगी। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान 15 मई तक बंद रहेंगे। इस अवधि में राज्य सरकार के विश्वविद्यालयों द्वारा किसी भी तरह की परीक्षा नहीं ली जायेंगी।
सभी सिनेमा हॉल, मॉल, क्लब, जिम, पार्क एवं उद्यान को 15 मई तक के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बैंक, एटीएम, डाकघर और रसोई गैस की दुकान तथा पेट्रोल पंप जैसी सेवाओं पर पाबंदी नहीं होंगी।
कोरोना के नियमों का पालन करने के साथ सार्वजनिक वाहन चलाये जा सकते हैं। निजी वाहनों की आवाजाही को छूट दी गयी है। शर्तों के साथ ट्रेनों और फ्लाइट को जारी रखा जायेगा। सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के आयोजन पर रोक रहेगी, लेकिन यह दफन, दाह संस्कार और पूजा पर लागू नहीं होगा। दफन और दाह संस्कार के लिए लोगों की संख्या घटा कर 25 की गयी है। शादी और श्राद्ध में लोगों की संख्या घटाकर एक सौ की गयी है।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version