कहा- प्रतीकात्मक तौर पर धार्मिक आयोजन होते रहेंगे

आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद साधु-संतों ने हरिद्वार कुंभ को तय समय से पहले खत्म करने पर सहमति दे दी है। हालांकि कुंभ में प्रतीकात्मक तौर पर धार्मिक आयोजन होते रहेंगे। इससे पहले कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि से बात की थी। उन्होंने कुंभ में लोगों के जमावड़े को खत्म कर उसे सिर्फ प्रतीकात्मक तौर पर सीमित रखने की अपील की थी। जूना अखाड़े की तरफ से शनिवार शाम को कुंभ खत्म करने की घोषणा कर दी गयी। निरंजनी और आनंद अखाड़ा पहले ही अपनी ओर से कुंभ समाप्ति की घोषणा कर चुके हैं।

कुछ अखाड़े समय से पहले कुंभ मेला समाप्त करने की बात से नाराज थे। उनका कहना था कि मेला तय समय तक ही चलना चाहिए। इन साधु-संतों को मनाने के लिए उत्तराखंड सरकार पिछले 2 दिन से गुप्त बैठकें कर रही थी। दरअसल, केंद्र सरकार मेला जल्द से जल्द खत्म कराना चाहती है, लेकिन वह यह नहीं चाहती थी कि इसके लिए कोई सरकारी निर्देश जारी किया जाए। बल्कि, केंद्र साधु-संतों से खुद मेला खत्म होने की घोषणा कराना चाहती थी।
केंद्र ने इस बात के प्रबंधन का जिम्मा तीरथ सरकार को दिया था। सभी अखाड़ों के साथ गोपनीय सरकारी बातचीत चली। इन बैठकों का असर भी दिखा। दो दिन पहले निरंजनी और आनंद अखाड़े ने अपनी ओर से मेला समाप्ति की घोषणा कर दी थी। अब जूना अखाड़े के कुंभ खत्म करने के ऐलान से सरकार ने राहत की सांस ली है।

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