आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने आम जनता से लेकर सरकार तक की चिंता बढ़ा दी है। पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुकी इस महामारी की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है। डबल म्यूटेंट वायरस ने मरीजों की सेवा में जुटे डॉक्टर, नर्स और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को भी संक्रमित करने लगा है। राज्य सरकारें मामलों को देखते हुए प्रतिबंध लगा रही है। इस बीच एक बात जिसने सभी को परेशान कर रखा है, वह है देश के अस्पतालों में बेड और आॅक्सीजन की कमी। इसके अलावा दवाइयों की कालाबाजारी से लड़ना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यों को आॅक्सीजन की सप्लाई को लेकर एक हाई लेवल बैठक की, जिसमें राज्यों के साथ तालमेल बिठाने का निर्देश दिया है। अब केंद्र सरकार ने कोरोना के मरीजों के लिए जरूरी दवाई रेमडेसिविर के दाम को 5400 से घटा कर 3500 से नीचे कर दिया है।
सरकार ने कैडेलिया हेल्थकेयर लिमिटेड की दवाई REMDACकी कीमत 2800 रुपये से घटा कर 899 कर दिया है। इसके अलावा सिंजेन इंटरनेशनल लिमिटेड की दवाई Remwin को 3950 से घटाकर 2450, सिप्ला लि. की CIREMI को 4000 से घटा कर 3000,Mylan फामार्सुटिक्लस लि. की DESREM की कीमत को 4800 रुपये से घटाकर 3400 कर दिया गया है।
केंद्र सरकार ने JUBI-R के दाम में भी 1300 रुपये की कटौती की घोषणा की है। यह दवाई पहले 4700 रुपये में मिलती थी, जो कि अब 3400 रुपये में मिलेगी। सरकार ने इसके अलावा COVI-FOR के दाम में भी कटौती की है। यह दवाई अब 5400 रुपये की जगह सिर्फ 3490 रुपये में मिलेगी।

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