झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके भाई विधायक बसंत सोरेन के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास खनन पट्टा लेने और खनन कंपनी में साझेदार होने का आरोप लगाया है। इन्ही आरोपो के खिलाफ संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कर मुख्य सचिव ने भारतीय निर्वाचन आयोग को जवाब भेज दिया है।
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके भाई विधायक बसंत सोरेन पर आरोप लगाया था। उन्होंने इस संबंध में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। प्रतिनिधिमंडल ने सारे दस्तावेज राज्यपाल को भी दिए थे और मुख्यमंत्री को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर खनन पट्टा लेने का आरोप था, जबकि उनके भाई विधायक बसंत सोरेन पर एक खनन कंपनी में साझीदार होने का आरोप लगाया गया था। भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद राज्यपाल रमेश बैस ने इससे संबंधित दस्तावेज भारत निर्वाचन आयोग को भेजकर सलाह मांगा था। राज्यपाल ने मुख्य सचिव को तलब कर जानकारी ली थी। निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कहा था कि भेजे गए दस्तावेजों को सत्यापित कर 15 दिनों के भीतर जवाब प्रेषित करें।