-तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित, दो महीनें में देगी रिपोर्ट
-तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
-अतीक और अशरफ का शव दफनाया गया
-हत्याकांड को लेकर उठ रहे कई सवाल
आजाद सिपाही संवाददाता
प्रयागराज। अतीक-अशरफ हत्याकांड से उत्तरप्रदेश में खलबली मची हुई है। सरकार ने मामले की जांच का आदेश दिया है। उत्तरप्रदेश गृह विभाग ने हत्याकांड की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया है। यह आयोग दो महीने के अंदर मामले की जांच करके रिपोर्ट सौंपेगा। आयोग को हाइकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अरविंद कुमार त्रिपाठी लीड करेंगे। इसमें रिटायर्ड डीजीपी सुबेश सिंह, जिला कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बृजेश कुमार सोनी को भी शामिल किया गया है। उधर, अतीक और अशरफ के शव को पोस्टमार्टम के बाद भारी सुरक्षा के बीच दफनाया गया। इस बीच पुलिस ने तीनों शूटरों को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। शूटरों का कहना है कि नाम कमाने के लिए दोनों की हत्या की। हालांकि इन सबके बीच हत्याकांड को लेकर कई सवाल उठ रहे। सरकार और प्रशासन को इन सवालों का जवाब तलाशना होगा।
शनिवार रात को हुई थी हत्या:
माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात प्रयागराज में हत्या कर दी गयी। पुलिस दोनों को मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल ले जा रही थी। पत्रकार साथ-साथ चलते हुए अतीक और अशरफ से सवाल कर रहे थे। इसी बीच तीन हमलावर पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए आये और अतीक के सिर में गोली मार दी, फिर अशरफ पर फायरिंग की। दोनों की मौके पर ही मौत हो गयी। हमलावर मीडियाकर्मी बन कर आये थे। इनके नाम लवलेश तिवारी, सनी और अरुण मौर्य हैं। हमले के तुरंत बाद ही तीनों ने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307 के तहत एफआइआर दर्ज की है। आर्म्स एक्ट की धारा 3, 7, 25, 27 के तहत एफआइआर दर्ज की गयी है। अतीक और अशरफ को मारनेवाले आरोपियों से पुलिस पूछताछ में जुटी है। आरोपियों ने पुलिस को कई चौंकानेवाली जानकारी दी है।
कस्टडी के समय से मारने की फिराक में थे:
जानकारी के मुताबिक तीनों शूटरों ने बताया कि हम अतीक गैंग का सफाया करना चाहते थे। उन्हें मार कर उत्तरप्रदेश में नाम कमाना चाहते थे। जब से कोर्ट ने अतीक-अशरफ को पुलिस कस्टडी दी थी, तब से ही वे प्रयागराज आ गये थे और उन्हें मारने की फिराक में थे। शनिवार को मौका मिलते ही उन्हें मार दिया। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में अपना नाम कमाना चाहते हैं। लवलेश बांदा, अरुण कासगंज और सनी हमीरपुर का रहनेवाला है। उनसे हथियार बरामद किये गये हैं।
पैतृक कब्रिस्तान में होगा सुपुर्द ए खाक:
अतीक-अशरफ का पोस्टमॉर्टम खत्म हो गया। दोनों के शव उनका बहनोई और दो रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस से लेकर गये। भारी सुरक्षा के दोनों का शव कसारी-मसारी स्थित उनके पैतृक कब्रिस्तान ले जाया गया। अतीक के बेटे असद की कब्र के पास दोनों का सुपुर्द-ए-खाक किया गया।