-परिवार के सदस्यों में खुशी, कहा, हमारे लिए गौरव की बात
मुकेश कुमार सिंह
लातेहार। लातेहार जिला के बारियातू प्रखंड अंतर्गत पंचायत गोनिया ग्राम बिश्रामपुर कि रहनेवाली सुनिधि प्रिया पतंजलि योगपीठ की साध्वी बन गयी हैं। उनके पिता का नाम जितेंद्र सिंह और माता रिंकी देवी है। जितेंद्र सिंह ने बताया कि सुनिधि प्रिया इकलौती पुत्री है। वह प्रारंभ में बालूमाथ के दून स्कूल से शिक्षा ग्रहण की। वह मैट्रिक यहीं से की थी। उसके बाद पढ़ाई करने के लिए पतंजलि योगपीठ हरिद्वार चली गयी। सुनिधि पिछले चार वर्षों से हरिद्वार में पढ़ाई-लिखाई कर रही थी। इसी बीच उसके मन में देश सेवा करने की इच्छा जागृत हुई। उसने अपनी मां को इस बारे में बताया। उसकी उम्र अभी केवल 22 साल है। पहले परविार के लोग थोड़ा घबढ़ाये, पर बाद में सुनिधि की बात मान ली।
शुरू में योग पीठ में नहीं लग रहा था मन:
जितेंद्र सिंह ने कहा कि हम लोग पूरा परिवार संयुक्त रूप से रहते आये हैं। संयुक्त परिवार में ही सुनिधि पली-बढ़ी है। वह जब पतंजलि योग पीठ गयी, तो शुरू में उसका मन नहीं लग रहा था। अक्सर फोन पर वह मन नहीं लगने की बात कहती थी। वह धीरे-धीरे वहां के वातावरण में ढलने लगी। उसे वहां अच्छा लगने लगा। योग पीठ के क्रियाकलाप उसे प्रभावित करने लगे।
मेधावी छात्र रही है, गीता कंठस्थ याद है:
जितेंद्र सिंह ने कहा कि सुनिधि मेधावी छात्रा के रूप में रही है। उसे गीता कंठस्थ याद है। उन्होंने कहा कि पतंजलि योगपीठ के योग गुरु बाबा रामदेव के क्रियाकलाप से प्रभावित होकर मेरी बेटी ने भी देश सेवा करने के लिए मन बना लिया। पतंजलि योगपीठ में कई हजार बच्चे तथा बच्चियां बाबा रामदेव के सानिध्य में देश सेवा करने के लिए खड़े हैं। सुनिधि प्रिया 30 मार्च रामनवमी के दिन ब्रह्मचारिणी साध्वी बन गयी। संन्यासी बनने के लिए बाबा रामदेव के द्वारा कार्यक्रम रखा गया था। उस कार्यक्रम में हम सभी शामिल हुए। वहां योग गुरु बाबा रामदेव से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
हमारे परिवार के लिए गौरव की बात:
जितेंद्र सिंह ने कहा कि सुनिधि प्रिया लातेहार जिला की पहली ब्रह्मचारिणी साध्वी पतंजलि योगपीठ में बनी है। यह हमारे परिवार और जिला तथा राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि अब हमारी पुत्री संन्यासी बन गयी है। बाबा रामदेव के द्वारा उसका नामकरण किया गया। सुनिधि प्रिया अब देव निधि दीदी के नाम से जानी जायेगी।