आजाद सिपाही संवाददाता

रांची। राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म करने और सरकारी बंगला खाली कराने के आदेश के बाद कांग्रेस अब सड़क पर आंदोलन कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को प्रदेश कांग्रेस द्वारा लोहरदगा से जय भारत सत्याग्रह सभा कार्यक्रम की शुरूआत हुई। प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने इस दौरान कहा है कि संसद के बजट सत्र में देश के इतिहास में पहली बार एक सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा संसद को बाधित कर रही थी। यह अडानी को बचाने के लिए एक ध्यान भटकाने की साजिश है। जबकि कांग्रेस पार्टी एवं संयुक्त विपक्ष इस पर जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) चाहता है। उन्होंने कहा कि मोदी राज में आम जनता और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना गुनाह हो गया है। आजादी के अमृतकाल में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चलाये जा रहे मित्रकाल के विरुद्ध यह सत्याग्रह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। सभा को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहु, वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, शहजादा अनवर, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने भी संबोधित किया। राहुल गांधी की संसद सदस्यता को समाप्त करने को लेकर अविनाश पांडेय ने कहा कि यह सारी कार्यवाही के पीछे का एक मात्र कारण केंद्र सरकार की दुखती रग पर हाथ रखना है। उन्होंने अडानी-मोदी के गठबंधन पर आवाज उठाया। राहुल गांधी ने तो देश की जनता के हित में केवल यह पूछा था कि अडानी की शेल कंपनियों में 20,000 करोड़ रुपये किसके हैं। यह पैसा कहां से आया। प्रधानमंत्री मोदी का अडानी से क्या रिश्ता है। उन्होंने तथ्यों के साथ अडानी के विमान में आराम करते हुए पीएम मोदी की तस्वीर दिखाई। इसके अलावा अन्य कई मुद्दों पर दस्तावेज दिए। लेकिन मोदी सरकार ने सवाल का जवाब तो नहीं दिया, उल्टे राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण से अडानी घोटाले के महत्वपूर्ण अंश और लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण को संसद के रिकॉर्ड से हटा दिया गया। आखिर ऐसा क्यों किया गया, कांग्रेस इसका जवाब ही तो मांग रही है।

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