रांची। मंदिर की घंटी और लोटा चोरी के मामले के आरोपी शेख कलीम उर्फ टिंकू ने जज के समक्ष दोष स्वीकार किया। इस बीच दोष सिद्ध शेख कलीम उर्फ टिंकू पर एसडीजेएम की कोर्ट ने दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी ने जुर्माने के दो हजार रुपये नजारत में जमा कर दिये, जिसके बाद अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा से उसे मुक्त करने का आदेश दिया।
बता दें, यह पूरा मामला 11 नवंबर 2022 का है, जब शेख कलीम ने आरपीएफ बैरक मुरी के शिव मंदिर से एक घंटी, लोटा और एक परात की चोरी की थी। हालांकि चोरी करने के दौरान उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया था। इस मामले में सिल्ली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। वहीं मामले को लेकर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गयी, जिस पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने समन जारी किया था। जारी समन पर आरोपी ने अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंच कर गुनाह कबूल किया। आरोपी ने कोर्ट में जज के समक्ष कहा कि हुजूर घंटी और लोटा मैंने चुराया है। मैं अपना गुनाह कबूल करना चाहता हूं। दोष स्वीकार करने की अनुमति दी जाये। मैं एक गरीब आदमी हूं, आगे मुकदमा नहीं लड़ना चाहता हूं। इस पर अदालत ने उसकी बातों को सुना और गुनाह कबूल करने की अनुमति को स्वीकृत किया।
हालांकि इस बीच अदालत ने मूरी निवासी आरोपी शेख कलीम उर्फ टिंकू से पूछा कि क्या गुनाह स्वेच्छा से बिना किसी भय और प्रलोभन के स्वीकार कर रहे हैं। इस पर आरोपी ने कहा कि अपना अपराध स्वेच्छा से, बिना किसी भय, दबाव के स्वस्थ मन मस्तिष्क से स्वीकार कर रहे हैं। गुनाह कबूल करने के बाद अदालत ने आरोपी को चोरी के अपराध में दोषी पाया और पूर्व से जमानत पर चल रहे आरोपी का बंध पत्र खंडित करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में लिया। कहा दोष सिद्ध देखने से अत्यंत गरीब प्रतीत होता है और उनकी आर्थिक स्थिति ठीक प्रतीत नहीं होती है। इसके बाद सारे तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने दोष सिद्ध शेख कलीम उर्फ टिंकू पर दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश सुनाया।