रांची। बिरसा कारा से हेमंत सोरेन ने चिट्ठी भेजी थी। उसे कल्पना सोरेन ने पढ़ कर रैली में सुनाया। चिट्ठी में हेमंत सोरेन ने लिखा है: आप सबका अभिनंदन, जोहार करता हूं। साथियो, आज झारखंड उलगुलान रैली में नहीं हूं। आपको मालूम है कि विगत चार सालों से विपक्ष मेरे खिलाफ षड्यंत्र रच-रच कर आखिरकार एक बेबुनियाद आरोप में करीब ढाई महीने से मुझे बिरसा जेल में बंद कर रखा है। इसी तरह आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी उनके सहयोगियों के साथ दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद कर रखा है। आजादी के बाद यह पहली बार है कि विपक्ष के नेताओं को बेबुनियाद आरोपों में जेल में डाला जा रहा है।

मुझे आज जेल में रहते हुये भी खुशी हो रही है कि लोकतंत्र की रक्षा और हक-अधिकार की लड़ाई हम लड़ रहे हैं। इसे सभी दलों का समर्थन मिल रहा है। आज उलगुलान महारैली में आये क्रांतिकारी नेताओं की मौजूदगी इसका गवाह है कि इस उलगुलान महारैली के मंच पर आदरणीय मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, फारूक अब्दुल्ला, भगवंत मान, सुनीता केजरीवाल, दीपांकर भट्टाचार्य, संजय सिंह, प्रियंका चतुवेर्दी, तेजस्वी यादव और विवेक गुप्ता का अभिवादन करता हूं। साथियों, उलगुलान का मतलब ही है- अब और नहीं चलेगी ठगों की सरकार।

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