रांची। झारखंड हाई कोर्ट ने दुमका में 23 अगस्त 2022 को पेट्रोल से नाबालिग अंकिता की जलाकर हत्या करने से संबंधित मामले में स्वतः संज्ञान पर गुरुवार को सुनाई की। इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि आरोपित युवक को बीते 28 मार्च को दुमका की निचली अदालत ने सजा सुना दी है।

इस केस में सुनवाई के दौरान देवघर, एम्स में बर्न वार्ड की स्थापना से संबंधित मामले में देवघर एम्स की ओर से बताया गया कि जनवरी 2023 से वहां फैकल्टी एवं डॉक्टर की नियुक्ति कर दी गई है और बर्न ट्रीटमेंट शुरू कर दिया गया है लेकिन बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी यूनिट की स्थापना में कुछ और माह का समय लगेगा, जिस पर कोर्ट ने देवघर एम्स को अगली सुनवाई में बताने को कहा है कि देवघर, एम्स में कब तक बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी यूनिट की स्थापना हो जायेगी।

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 मई निर्धारित की है। इससे पहले सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजधानी रांची स्थित रिम्स एवं एमजीएम जमशेदपुर में बर्न यूनिट के ठीक ढंग से काम नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बर्न वार्ड को बेहतर बनाये जाने की जरूरत है, ताकि दुर्घटना में जले हुए व्यक्तियों का तुरंत बेहतर इलाज संभव हो सके।

उल्लेखनीय है कि 23 अगस्त 2022 को दुमका में हुई इस घटना के बाद 30 अगस्त 2022 को हाई कोर्ट ने मामले में स्वतः संज्ञान लिया था। दुमका में 23 अगस्त की रात एक सनकी आशिक शाहरुख नाम के युवक ने एकतरफा प्यार में घर में सो रही 12वीं की छात्रा अंकिता को जिंदा आग के हवाले कर दिया था, जिसके बाद इलाज के दौरान रिम्स में उसकी मौत हो गई थी।

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