रांची। रिम्स में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, बुनियादी सुविधा दिलाने, एमआरआइ मशीन सहित अन्य चिकित्सा उपकरण को आॅपरेशनल रखने को लेकर दायर ज्योति शर्मा की जनहित याचिका की सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट में हुई। मामले में कोर्ट के आदेश के आलोक में रिम्स के डायरेक्टर कोर्ट में सशरीर उपस्थित हुए। कोर्ट ने 4 सप्ताह में विस्तृत शपथ पत्र दाखिल कर बताने को कहा है कि रिम्स में एमआरआइ मशीन सहित कितने मेडिकल उपकरण चालू हालत में हैं और कितने खराब हैं। कोर्ट को बताया गया कि एक एमआरआइ मशीन खराब है और दूसरी एमआरआइ मशीन पब्लिक एंड प्राइवेट मोड में चल रही है। कोर्ट ने डायरेक्टर से पूछा है कि रिम्स में क्या-क्या सुधार और किया जाना चाहिए। कोर्ट को बताया गया कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले रिम्स के डॉक्टरों का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। कोर्ट ने रिम्स डायरेक्टर से कहा कि रिम्स के मेडिकल विभागों को दुरुस्त कर रखने के लिए क्या-क्या कदम उठाये जा रहे हैं, इस पर भी वे जवाब दें।
रिम्स निदेशक हुए हाजिर, कोर्ट ने पूछा – मशीन सहित कितने मेडिकल उपकरण फंक्शनल हैं और कितने खराब
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