रांची। विधानसभा अध्यक्ष सह नाला विधायक रबींद्र नाथ महतो के निर्वाचन को चुनौती देनेवाली संतोष हेंब्रम की चुनाव याचिका की सुनवाई सोमवार को हाइकोर्ट में हुई। मामले में प्रतिवादी रबींद्र नाथ महतो ने कोर्ट में सशरीर उपस्थित होकर अपनी गवाही दर्ज करायी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि वे वर्ष 2005, 2014 और 2019 में नाला विधानसभा से चुनाव जीते थे। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी ओर से स्वच्छ भागीदारी निभायी गयी थी। याचिकाकर्ता की ओर से पंपलेट छपवाकर दुष्प्रचार करने का जो आरोप लगाया गया है, वह गलत है। उन्होंने इस तरह का कोई पंपलेट नहीं छपवाया था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मुकेश कुमार दुबे ने रबींद्रनाथ महतो का प्रतिपरीक्षण किया। वहीं प्रतिवादी रबींद्रनाथ महतो के अधिवक्ता अरविंद लाल और अधिवक्ता अनिल कुमार ने पैरवी की। प्रतिवादी रबींद्रनाथ महतो की ओर से यह 9वीं गवाही थी। अगली गवाही अब 18 अप्रैल को होगी। दरअसल, याचिकाकर्ता ने चुनाव याचिका में कहा है कि रबींद्रनाथ महतो ने विधानसभा चुनाव के दौरान एक पंपलेट छपवाया था, जिसमें उनके खिलाफ चुनाव में दुष्प्रचार किया गया, जिससे उनका जनाधार खत्म हुआ है। इसलिए रबींद्रनाथ महतो का निर्वाचन रद्द किया जाये।