रांची। कांके पिठौरिया के हेंठ बालू गांव में सरहुल शोभायात्रा पर हुए हमले को लेकर आदिवासी समाज में आक्रोश है। इस घटना पर समाज ने चिंता जाहिर की है। इस दौरान पाहन महासंघ के अध्यक्ष जगदीश पाहन ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि कांके के पिठोरिया थाना क्षेत्र के हेंठ बालू गांव में सरहुल जुलूस के दौरान हिंसा किया गया है। आदिवासी समुदाय की धार्मिक,आस्था और एकता को तोड़ने का प्रयास किया गया है।

कहा कि ईद की सजावट टूटने के बहाने आदिवासियों पर हमला किया गया और उन्हें लाठी-डंडों से पीटा गया। इस घटना ने आदिवासी समाज को गहरा आघात पहुंचाने का काम किया है और आदिवासी गांव के लोगों को डराने की कोशिश की गयी है। वहीं चंदर हलधर पाहन ने कहा कि विशेष समुदाय के लोगों ने जानबूझकर रवि पाहन, पाहन नगदेव, मनक पाहन और संदीप पाहन पर हमला किया। आरोप लगाया कि हमलावरों ने झगड़ा को भड़काया और पारंपरिक सरना झंडे को भी फेंक दिया। यह हमला आदिवासी समाज की परंपराओं और धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। वे इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से सरहुल शोभायात्रा पर घटना को अंजाम दिया, ताकि आदिवासियों को डराया और धमकाया जा सके। पीड़ित परिवारों ने पिठोरिया थाना में शिकायत दर्ज करायी है। लेकिन प्रशासन की ओर से तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी। पाहन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। आदिवासी समुदाय इस हमले के खिलाफ एकजुट होकर सख्त कार्रवाई की मांग करेगा।

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