रांची। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने गुरुवार को मांडर के बांसजाड़ी गांव में जा कर किसान समृद्धि योजना का स्थल निरीक्षण और लाभुक किसानों के साथ चर्चा की। मंत्री ने गांव के लाभुकों से योजना से संबंधित जानकारी और योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। मौके पर मंत्री ने कहा कि विभाग की ओर से संचालित योजना का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। सौर ऊर्जा से संचालित पंप से खेत में लगे फसल का पटवन आसानी से संभव होगा। लाभुक इस योजना का लाभ ले कर पटवन के लिए अब तक किए जा रहे खर्च की बचत कर सकते है। अब किसानों को फसल के पटवन के लिए बिजली या डीजल पर होने वाले खर्च से निजात मिलेगी। झारखंड में ये पहला मौका है जब किसान समृद्धि योजना के धरातल पर उतरने से किसानों के चेहरे पर खुशी को महसूस किया जा सकता है। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मांडर प्रखंड कार्यालय जा कर पदाधिकारियों के साथ बैठक की। सरकार की ओर से संचालित योजनाओं में गति लाने और लाभुकों की संख्या बढ़ाने को लेकर पदाधिकारियों को दिशा निर्देश दिया गया।

उल्लेखनीय है कि झारखंड में बेहतर पटवन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य के साथ किसान समृद्धि योजना की शुरुआत हो गई है। कृषि प्रभाग से संचालित इस योजना का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुंचाना है। किसान समृद्धि योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा से संचालित पंप उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के अधीन दो तरह के सौर ऊर्जा पंप किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे है। इसका बाजार दर क्रमश एक लाख 80 हजार 752 और एक लाख 81 हजार 752 है। लाभुक को इस योजना का लाभ 90 प्रतिशत के अंशदान यानी 18 हजार 175 रुपए से मिल सकता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए अब तक 15 हजार से ज्यादा किसानों ने आवेदन किया है।

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