नई दिल्ली। राज्यसभा में गुरुवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के सदस्य कपिल सिब्बल ने कहा कि वक्फ की तुलना ट्रस्ट से नहीं की जा सकती है। ट्रस्ट में संपत्ति को बेचा जा सकता है, लेकिन वक्फ में ऐसा नहीं किया जा सकता है। यह वह संपत्ति है जिसे आप ‘अल्लाह’ को देते हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री सिब्बल ने चर्चा में भाग लेते हुए वक्फ विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि 2013 के कानून में किसी को भी वक्फ को संपत्ति देने का अधिकार दिया गया था, लेकिन अब सरकार ने इसे बदल दिया है। अब केवल पांच साल से मुस्लिम धर्म का पालन करने वाला ही वक्फ को संपत्ति दान कर पायेगा।

सिब्बल ने कहा कि वक्फ एक कानूनी संस्था है। इसमें पहले से ही सरकार की ओर से सदस्यों को नामित किया जाता था। सरकार इसपर भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा कि समस्या की वजह मुतवल्ली से जुड़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक के प्रावधानों से अब वक्फ की कब्जा की गई संपत्ती पर कब्जा कायम रहेगा।

राज्यसभा में चर्चा के दौरान केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मुद्दा उठाया कि सदन के वरिष्ठ सदस्य अपनी बात रखने के बाद चले जाते हैं। उन्होंने कुछ मुद्दों पर उनके रखे गए मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया।

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