रांची। बोकारो की 18 वर्षीय युवती के लापता होने और उसके बाद बरामद हुए नरकंकाल के रहस्यमयी मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने आदेश दिया है कि बरामद नरकंकाल और युवती के माता-पिता के DNA सैंपल की जांच कोलकाता स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (CFSL) में कराई जाए। अदालत ने राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने का अल्टीमेटम दिया है।
RIMS में होगा पोस्टमार्टम, DGP ने दिया आश्वासन
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि बरामद नरकंकाल का पोस्टमार्टम रांची के रिम्स (RIMS) में कराया जाए ताकि मौत के कारणों की सटीक जानकारी मिल सके। सुनवाई के दौरान राज्य के DGP, बोकारो SP और नई SIT की टीम कोर्ट में सशरीर उपस्थित हुई। DGP ने अदालत को भरोसा दिलाया कि पुलिस इस मामले का जल्द से जल्द पटाक्षेप करेगी। वहीं, नई SIT की टीम केस डायरी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ कोर्ट में मौजूद रही।
अदालत की मौखिक टिप्पणी: ‘बड़े अधिकारियों पर भी हो कार्रवाई’
मामले की सुनवाई के दौरान जब महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि लापरवाही के आरोप में संबंधित थाने के 18 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, तो कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा:
“लापरवाही के लिए केवल निचले स्तर के अधिकारियों को सस्पेंड करना पर्याप्त नहीं है। इस मामले में एसपी और डीआईजी जैसे उच्च अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए थी।”
अदालत ने अगली सुनवाई में भी DGP, बोकारो SP और SIT टीम को उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी, जिसमें DNA रिपोर्ट और SIT की प्रगति पर चर्चा की जाएगी।



