मोतिहारी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने छात्रों, शिक्षकों और विद्वानों को संबोधित करते हुए बिहार की ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह भूमि महान विचारों की धरती है, जहां गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी जैसे विचारकों ने जीवन का मार्ग तय किया। राधाकृष्णन ने जयप्रकाश नारायण का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने देश की नैतिक और राजनीतिक चेतना को नई दिशा दी।

उपराष्ट्रपति ने अपने युवावस्था के अनुभवों का जिक्र करते हुए 1974 की क्रांति में अपनी भागीदारी का स्मरण भी किया और छात्रों से राष्ट्रवाद अपनाने तथा एक नैतिक, मजबूत समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकास की गति तेज है।

राधाकृष्णन ने विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया और छात्रों को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त छात्रों को उपराष्ट्रपति ने समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देते हुए बधाई दी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उपराष्ट्रपति का बाद में भितिहरवा गांधी आश्रम में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम भी निर्धारित है।

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