पश्चिमी सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा शहर में सड़क सुरक्षा और ह्नो एंट्री लागू करने की मांग को लेकर रविवार को तांबो चौक से ह्यन्याय पद यात्राह्ण की शुरूआत हुई। नो एंट्री आंदोलन समिति के संयोजक रमेश बालमुचू के नेतृत्व में निकली यह यात्रा 26 अप्रैल से शुरू होकर विभिन्न गांवों और जंगलों से गुजरते हुए एक मई को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचेगी।
यात्रा में सैकड़ों ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकतार्ओं और विभिन्न संगठनों के सदस्यों की भागीदारी देखने को मिली। भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिनमें कई अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर चल रही थीं। प्रतिभागी हाथों में तिरंगा और मांगों से जुड़ी तख्तियां लिए हुए थे। यात्रा के दौरान स्थानीय विधायक सह परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, जिला प्रशासन और उद्योगों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
आंदोलनकारियों का कहना है कि चाईबासा बाईपास एमडीआर-177, एएच-75ई और एनएच-220 पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। 27 सितंबर 2025 को इसी मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ झड़प हुई थी, जिसके बाद 16 लोगों को जेल भेजा गया और 74 नामजद सहित 500 से अधिक अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया गया। अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है।
पद यात्रा के जरिए आंदोलनकारी केस वापस लेने, ह्यनो एंट्रीह्ण लागू करने, लाठीचार्ज की न्यायिक जांच और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि राज्यपाल, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद न्याय नहीं मिला, इसलिए अब वे राजधानी पहुंचकर सरकार से सीधा संवाद करेंगे।
इस पद यात्रा में देवेन्द्र नाथ चंपिया, प्रदीप बालमुचू, दुर्गाप्रसाद जामुदा, सुशील पुरती, रमय पुरती, बमीया बारी, सुरेश सोय, करण सिंह मुंडा, वीर सिंह बिरूली, रवि बिरूली, संचु तिर्की, नवल कच्छप, सिद्धार्थ होनहागा, जयंती बिरूली, सुनील सिरका, विष्णु मिंज, सुशीला देवगम, कृष्णा टोप्पो, पंकज खलखो, महेंद्र जामुदा, रियांस सामड, साधु बानरा, संजय देवगम और सन्नी देवगम सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे शामिल हैं।



