लातेहार। अंतत: लातेहार की निर्भया जिंदगी की जंग हार गयी। गुरुवार शाम 4:30 बजे उसने रिम्स में अंतिम सांस ली। निर्भया की मौत के बाद डॉक्टरों की एक विशेष टीम की देख-रेख में पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा जायेगा। बता दें कि आज से पांच माह पहले 23 जनवरी को सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई थी। इसके बाद से ही वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थी। अंतिम दिन तक वह आंखें खोलने और अपने ऊपर हुए दरिंदगी को बताने की असफल कोशिश करती रही, लेकिन शरीर ने उनका साथ नहीं दिया। वह अपने पीछे 12 वर्षीय पुत्र सतीश उरांव, 8 वर्षीय बेटी एवं पति शनिचर उरांव को दु:ख सागर में छोड़ गयी। सदर थाना क्षेत्र के लूटी ग्राम निवासी 35 वर्षीय निर्भया के साथ हुए दुष्कर्म के मामले का अनुसंधान जारी है। संयोग है कि गुरुवार को ही दुष्कर्म के आरोपी आरसी उरांव एवं सुनील उरांव की जमानत याचिका पर सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश (प्रथम) राशिकेष कुमार की अदालत में हुई, जहां केस की प्रगति प्रतिवेदन की मांग की गयी। समाजसेवी जेम्स हेरेंज ने इस कांड का खुलासा किया था। निर्भया के मौत की खबर सुनकर वे सभी समाजसेवी आहत हैं, जो उसकी मदद के लिए आगे थे। निर्भया की मौत पर तमाम लोगों ने शोक व्यक्त किया है तथा उसे न्याय दिलाने की अपील की है।
और जिंदगी की जंग हार गयी लातेहार की निर्भया…
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