रांची। वैश्विक कोरोना महामारी के चलते लगे लॉक डाउन में विभिन्न राज्यों में कई प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं। गुरुवार को पहली बार प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज द्वारा उसे राज्य भेजा गया। प्रवासी मजदूरों को अंतर राज्य विमान सेवा द्वारा झारखंड भेजा गया। महाराष्ट्र के मुंबई से एयर एशिया विमान द्वारा 174 प्रवासी मजदूरों के परिवारों को झारखंड भेजा गया। इन प्रवासियों को विमान द्वारा भेजने का खर्च सेंट्रल लॉ यूनिवर्सिटी के एल्यूमिनी छात्रों ने उठाया है।
राज्य सरकार को दिया धन्यवाद
लॉक डॉउन के दौरान लगभग दो महीने से अधिक समय से फंसे यात्रियों ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद राज्य सरकार को धन्यवाद दिया।
दो महीने से फंसे थे मजदूर
एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद में लोगों ने बताया कि पिछले दो महीने से हम लोग मुंबई में काफी परेशान थे और हमारे लिए ना तो खाने-पीने का इंतजाम हो रहा था ना ही कोई सुविधा मुहैया हो पा रही थी।
सुरक्षा के मानकों का रखा गया विशेष ध्यान: एयरपोर्ट पर प्रवासी मजदूरों और यात्रियों के आने से पहले एयरपोर्ट प्रशासन और जिला प्रशासन के द्वारा हर तरह के सुरक्षा के मानकों का ध्यान रखा गया था।
यात्रियों के लिए बस की व्यवस्था
एयरपोर्ट पर जिला प्रशासन के द्वारा यात्रियों को अपने-अपने गृह जिला भेजने के लिए बसों के इंतजाम किए गए थे राज्य के विभिन्न जिला के लिए जिला प्रशासन के द्वारा 10 बसों की व्यवस्था की गयी थी।