मुंबई : कोरोना कैपिटल बन चुकी मुंबई के लिए मई काफी मुश्किलों भरा एवं चुनौतीपूर्ण महीना रहा है। केंद्र, राज्य सरकारें और बीएमसी प्रशासन की लाख कोशिश के बावजूद मई में काफी तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी है।
आलम यह रहा कि 26 दिन में 25,917 कोरोना के मरीज मुंबई में बढ़ गए। इस तरह शहर में प्रतिदिन करीब 1 हजार कोरोना के नए केस सामने आए हैं। 30 अप्रैल को कोरोना के 6,874 केस थे, जो 26 मई तक 25,917 बढ़ कर 32,791 हो गए। मई में कोरोना से मरने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। 30 अप्रैल तक 290 लोगों की कोरोना से मौत हुई थी। 26 मई तक 775 मृतकों की बढ़ोतरी हुई यानी प्रतिदिन 29 लोग कोरोना की वजह से मारे गए। 26 मई तक कोरोना वायरस से 1,065 लोगों की मौत हो चुकी थी।
बीएमसी द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में 25 अप्रैल को कोरोना मरीजों की कुल संख्या 4,870 थी। 26 अप्रैल को यह बढ़ कर 8,291 हो गई। इसके ठीक एक महीने बाद इसमें 24,500 कोरोना मरीजों की बढ़ोतरी हुई। 25 अप्रैल को पी साउथ वॉर्ड (गोरेगांव) में मरीजों की संख्या सिर्फ 95 थी, जो 25 मई को बढ़कर 717 तक पहुंच गई। यहां अब तक 57 लोग कोरोना की वजह से अपनी जान गवां चुके हैं। इसी तरह, एफ नॉर्थ के अंतर्गत माटुंगा, वडाला एवं सायन कोलीवाडा में 25 अप्रैल को कोरोना मरीजों की संख्या 359 थी, जो एक महीने बाद बढ़ कर 1,759 हो गई है। यहां कोरोना अब तक 95 लोगों की जान ले चुका है।