रांची. वैसे तो दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को राज्य सरकार की पहल पर ट्रेन से वापस लाया जा रहा है। लेकिन कुछ मजदूर खुद से भी हजारों किलोमीटर की यात्रा कर घर पहुंच रहे हैं। मंगलवार को तीन दिनों की बस यात्रा कर मांडर ब्लॉक के कुरकुरा के रहने वाले 37 मजदूर अपने घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि बस को कुल एक लाख 92 हजार रुपए किराया देना पड़ा। वहीं, मांडर पहुंचने पर रेफरल अस्पताल में सभी की थर्मल स्कैनर से जांच की गई। इसके बाद भौजन का पैकेट देकर उन्हें होम क्वारैंटाइन के लिए भेज दिया गया। बिजुपाड़ा से ट्रैक्टर में बैठ मजदूर अपने घर पहुंचे। तीन दिनों तक बस में यात्रा करने के बाद भी गांव पहुंचते ही उनकी सारी थकान मिट गई। घर आने की खुशी उनके चेहरे पर साफ दिखाई पड़ रही थी।

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