रांची। विधायक बंधु तिर्की ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर छठी जेपीएससी परीक्षाफल प्रकाशन पर छात्रों द्वारा उठाया गया विसंगतियों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने के का आग्रह किया है। इसमें विधायक बंधु तिर्की ने कहा है कि परीक्षा में शामिल हुए कई छात्रों का आरोप है कि पेपर एक, जो कि विज्ञापन के मुताबिक क्वालीफाइंग मार्क्स का पेपर है, उसे भी मेरिट लिस्ट में जोड़ दिया गया है, जो कि विज्ञापन के विरुद्ध है। वहीं सभी कैटेगरी से छात्रों के अंतिम चयन के लिए आयोग ने मार्क्स तय किया है। इसके बावजूद एक छात्र जिसने आयोग द्वारा तय किये मार्क्स से कम अंक हासिल किया है, उसका भी चयन वित्त सेवा में किया गया है। कहा है कि छात्रों का आरोप है कि छठी सिविल सेवा परीक्षा के विज्ञापन में इस बात का जिक्र था कि पेपर एक यानी हिंदी और अंग्रेजी के पेपर को मुख्य परीक्षा में उपस्थित छात्रों को केवल क्वालीफाई करना था। पांचवी सिविल सेवा परीक्षा के विज्ञापन में भी इस बात का जिक्र था। जाहिर है छात्र यही समझे होंगे कि इसमें केवल क्वालीफाई करना है। लेकिन अब छठी सिविल का फाइनल रिजल्ट जारी हुआ है, तो इसमें साफ दिख रहा है कि क्वालीफाइंग मार्क्स को भी मेरिट लिस्ट में जोड़ा गया है, जो कि छात्रों के मुताबिक विज्ञापन के खिलाफ है। इस कारण इस मसले पर छात्रहित में सहानुभूति पूर्वक विचार होना चाहिए। साथ ही बंधु तिर्की ने मांग की है कि छठी जेपीएससी को रद्द करते हुए एक साथ छठी, सातवीं, आठवीं और नौवीं जेपीएससी परीक्षा ली जाये। इसमें छात्रों की उम्रसीमा में तीन वर्ष की छूट भी दी जाये।

जेपीएससी ने की है गड़बड़ी: मनोज

छात्र नेता मनोज यादव ने कहा है कि जेपीएससी के विज्ञापन और सिलेबस दोनों में लिखा है कि हिंदी, इंग्लिश क्वालिफाइंग है और इसमें 30 अंक लाना है। साथ ही रिजनल लैंग्वेज विषय का अंक मेधा सूची में शामिल होगा। प्रथम जेपीएससी से लेकर पांचवी जेपीएससी तक इसका पालन किया गया। जेपीएससी नये तरीके से घपला कर रहा है। लॉकडाउन का फायदा उठाकर जेपीएससी घपला कर रहा है, ताकि छात्र सड़क पर नहीं उतर पायेंगे।

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