आजाद सिपाही की टीम ने प्रमुखता से उठाया था इस मामले को, किया था खुलासा कैसे पुलिस अधिकारियों ने फंसाया था महिला पुलिसकर्मी के पति चिरंजीत घोष को

15 मई को भी छपी थी फॉलोअप खबर जिसमें आजाद सिपाही ने लिखा था पूर्व एसएसपी कौशल किशोर ने क्यों फंसवाया सीसीएल कर्मचारी को। कौन है मनोज गुप्ता और किसके लिए वसूलता है पैसा
इसी खबर पर मनोज गुप्ता ने भिजवाया था कानूनी नोटिस।

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पारदर्शी शासन का असर दिखने लगा है। इसकी कई बानगियों में एक बानगी यह है। अब धनबाद के निरसा थाना में दर्ज गांजा प्लॉट कांड का अनुसंधान अब सीआइडी करेगी। बुधवार को सीआइडी के एडीजीपी ने इस संबंध में एक टीम गठित कर दी है। जो जल्द ही निरसा थाना जाकर इससे संबंधित दस्तावेज जब्त करेगी। बताते चलें कि निरसा पुलिस ने सीसीएल कर्मी चिरंजीत घोष के वाहन में गांजा प्लॉट कराकर जेल भेज दिया था। उस समय भी इस मामले को आजाद सिपाही ने प्रमुखता से उठाया था और आजाद सिपाही ने 02 अक्टूबर 2019 के अंक में पुलिस अफसर की प्रेमिका ने की शादी, पति पर बरसा कहर नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद 15 मई 2020 और 16 मई 2020 को इस संबंध में फॉलोअप भी प्रकाशित हुआ था। इसमें आजाद सिपाही ने यह लिखा था कि कौन है मनोज गुप्ता और किसके लिए करता है वसूली। अब इसी मामले में सीआइडी के एडीजीपी ने अनुसंधान के लिए टीम गठित कर दी है। इस मामले में सबसे पहले धनबाद के पूर्व एसएसपी कौशल किशोर से यह पूछा जायेगा कि उन्होंने किसके कहने पर इस मामले में बगैर जांच के आरोपी को जेल भेज दिये थे। इसी मामले में अभी कुछ दिन पहले निरसा के थानेदार को निलंबित किया गया है।

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