नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को आत्मनिर्भर भारत पैकेज को अपनी मंजूरी दे दी। साथ ही प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का गठन के अलावा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए एक नई योजना शुरू करने को हरी झंडी दी गई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिए गए। बैठक में फंसे हुए प्रवासियों को खाद्यान्न आवंटन के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज को मंजूरी दे दी है। ‘प्रधानमंत्री वय वंदना योजना’ के विस्तार को 31 मार्च, 2023 तक के लिए मंजूरी दे दी है। पहले इस योजना की अवधि 31 मार्च, 2020 तक थी। इस योजना के तहत वृद्धावस्था आय सुरक्षा और वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण होता है। इसके अलावा आपातकालीन ऋण गारंटी योजना के माध्यम से पात्र सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और इच्छुक मुद्रा उधारकर्ताओं के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि को मंजूरी दे दी गई।
कैबिनेट ने एक नई केंद्र प्रायोजित योजना सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के गठन को भी मंजूरी दे दी है। इसके जरिए असंगठित क्षेत्रों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के महानिदेशक के.एस.धतवालिया ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने कोयला और लिग्नाइट खानों की नीलामी के लिए कार्यप्रणाली को राजस्व बंटवारे के आधार पर कोयले या लिग्नाइट की बिक्री के लिए ब्लॉक और कोकिंग कोल लिंकेज के कार्यकाल को मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसी) के लिए एनबीएफसी/ एचएफसी की तरलता स्थिति (लिक्विडिटी पोजिशन) में सुधार के लिए एक नई विशेष तरलता योजना शुरू करने के वित्त मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

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