आजाद सिपाही संवाददाता
धनबाद। रंगदारी के एक मामले में विधायक ढुल्लू महतो को कोर्ट ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 हजार रुपये जमा करने की शर्त पर जमानत दी है। बाघमारा विधायक ने 11 मई को मुजफ्फरपुर निवासी इरशाद आलम से 40 लाख रंगदारी मामले में सरेंडर किया था। इस मामले में विधायक ढुल्लू महतो को जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 हजार रुपये जमा करने की शर्त पर जमानत मंजूर किया है। गुरुवार को विधायक ढुल्लू के अधिवक्ता एसएन मुखर्जी, राधेश्याम गोस्वामी एवं एनके सविता की दलील सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत ने यह आदेश दिया है।
क्या है मामला
मुजफ्फरपुर सोनबरसा निवासी इरशाद आलम के शिकायत पर विधायक ढुल्लू समेत पांच नामजद के विरुद्ध प्राथमिकी 22 मार्च 20 को दर्ज की गयी थी। प्राथमिकी के मुताबिक श्रेया फाइनांस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कोलकाता साल्ट लेक कॉलेज मोड़ कोलकाता धनबाद में काम कर रहे कंपनी एयर डेक्कन को 42 पोकलेन एवं ड्रिल मशीन के लिए फाइनांस किया गया था। बेकर कंपनी के द्वारा फाइनांस का किस्त भुगतान नहीं किये जाने पर कंपनी ने सभी मशीनों को नीलामी किया था। इरशाद ने गाड़ियों 33 लाख रुपया भुगतान कर खरीदा था। इरशाद को उपरोक्त गाड़ी मुराईडीह एरिया-1 से ले जाने का आदेश प्राप्त हुआ। मार्च 2016 में जब इरशाद अपने 4 कर्मचारियों के साथ गाड़ियों को प्राप्त करने हेतु मुराइडीह एरिया नंबर 1 बरोरा आया और गाड़ियों को मुरारी से ले जाने का प्रयास किया तो बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो, कपिल राणा, उसके बॉडीगार्ड केदार यादव, सिकंदर चौहान, धर्मेंद्र गुप्ता एवं 8-10 लोग हरवे हथियार से लैस होकर आये और धमकी देते हुए रंगदारी की मांग की। कहा कि यहां कैसे काम करने लगे, जान मारने की धमकी देते हुए विधायक ने 40 लाख रुपये और अपने लड़कों के लिए 15 लाख रंगदारी की मांग की।