अर्थव्यवस्था पर आये संकट के मद्देनजर गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 22 वीं फाइनेंशियल स्टेबिलिटी एंड डेवलपमेंट काउंसिल यानि एफएसडीसी की बैठक हुई। बैठक में मौजूदा आर्थिक हालात की समीक्षा की गई। इस बैठक में कोरोना संकट के बाद देश में पैदा हुई वित्तीय अस्थिरता और नकदी की मुश्किलों समेत बैंकों की दिक्कतों पर भी चर्चा की गई।
एफएसडीसी की बैठक में कोविड 19 संकट और लॉकडाउन से उपजी स्थितियों पर चर्चा की गई। बैठक में देश के साथ साथ वैश्विक आर्थिक परिदृष्य को ध्यान में रखते हुए आंकड़ों पर भी चर्चा हुई
साथ ही ये भी चर्चा की गई कि वैश्विक वित्तीय स्थिरता के लिए कोरोना महामारी बेहद खतरनाक है और इसका असर कितना होगा और कब तक इस संकट से उबरा जाएगा इस बात का आंकलन करना इस वक्त बेहद मुश्किल है।
बैठक में सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों से देश में निवेश का सेंटिमेंट छोटी अवधि के लिए स्थिर रहेगा लेकिन कोरोना महामारी से मध्यम अवधि और लंबे समय में पैदा होने वाले वित्तीय संकट के मद्देनजर सरकार और सभी फाइनेंसियल रेगुलेटर को बेहद चौकन्ना रहने की जरूरत है।
इस बैठक में सरकार और रिजर्व बैंक की तरफ से वित्तीय स्थिरता के लिए किए गए ऐलानों पर भी चर्चा हुई।