आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। कांग्रेस नेता शमशेर आलम ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन के चलते हिंदपीढ़ी के सब्र का बांध टूटने लगा है। इसका उदाहरण बुधवार को दिखा। जब समाज के प्रबुद्ध लोग एक मंच पर आकर इसका विरोध करने को विवश हुए हैं। हिंदपीढ़ी को कंटेनमेंट जोन से बाहर करने को लेकर जिला प्रशासन लगातार सरकार को गुमराह करता रहा है। सीएम हेमंत सोरेन ने खुद दस दिन पहले कंटेनमेंट जोन पर कार्रवाई का निर्देश जिला प्रशासन को दिया था। इस बीच तमाम प्रक्रिया भी पूरी कर ली गयी, लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही के कारण अब तक हिंदपीढ़ी को कंटेनमेंट जोन से बाहर नहीं किया गया। शमशेर आलम ने कहा कि प्रशासनिक विफलता के कारण आज हिंदपीढ़ी के लोग कैद हैं। इस पूरे मामले में पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। बुधवार को जो घटना हुई है, वह लोगों के सब्र के बांध को टूटना दर्शाता है। सरकार को चाहिए कि गुमराह करनेवाले पदाधिकारी को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करे। कारण उनके चलते आज हिंदपीढ़ी के लोग कंटेनमेंट जोन से बाहर नहीं निकल पाये हैं।