रांची। केंद्रीय चुनाव आयोग ने झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में विलय का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। इससे झारखंड विधान सभा में बाबूलाल मरांडी के नेता प्रतिपक्ष बनने का रास्ता तकनीकी तौर पर साफ होता नजर आ रहा है। नये आदेश में आयोग ने झारखंड विकास मोर्चा के प्रदीप यादव गुट की ओर से अपील करनेवाले अध्यक्ष रामनिवास जयसवाल को बताया है कि आयोग ने छह मार्च को ही झारखंड विकास मोर्चा के भारतीय जनता पार्टी में विलय पर फैसला कर लिया है। फैसले की जानकारी आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है। इसके बाद इस अपील का कोई औचित्य नहीं है और न ही इस पर नये सिरे से विचार संभव है। आयोग ने श्री जयसवाल के पत्र पर विचार कर उसे खारिज करते हुए आदेश की प्रति भेज दी है। झाविमो के अध्यक्ष की हैसियत से लिखे पत्र में श्री जयसवाल ने चुनाव आयोग को लिखा था कि 16 फरवरी को बनहोरा में झाविमो द्वारा आहूत बैठक में राज्य के केंद्रीय पदाधिकारी, केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, जिला कार्यकारिणी के सदस्य तथा प्रखंड स्तरीय कार्यकर्ता भी उपस्थित हुए थे। वहीं इसमें पार्टी के निर्वाचित तीन विधायकों में से दो विधायक प्रदीप यादव और बंधु तर्की भी उपस्थित थे। इस बैठक में सर्वसम्मति से पार्टी का विलय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में करने का निर्णय लिया गया।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version