वित्तीय प्रबंधन ठीक हो तो झारखंड को गरीबी के चंगुल से छुटकारा दिलाना मुमकिन
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। कोरोना संकट के समय में भुगतान की दिक्कतों से जूझ रही सरकार को जमशेदपुर पूर्वी से विधायक सरयू राय ने अचूक मंत्र दिया है। उन्होंने ट्विट कर कहा है कि झारखंड में हो चुके काम का 7,000 करोड़ रुपया सरकार पर बकाया है वहीं नहीं हुए काम को हुआ दिखाकर दस हजार करोड़ रुपया पीएल एकाउंट (पर्सनल लेजर) में जमा है। यदि इनका भुगतान हो जाये तो संवेदक, मजदूर, सप्लायर, और कर्ज लेने-देनेवाले तक नगदी पहुंचेगी और बचा काम भी पूरा हो जायेगा। श्री राय ने यह भी कहा है कि यदि सरकार का वित्तीय प्रबंधन सही हो जाये और राज्य की वित्तीय, राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था की पेंदी में सरकार दर सरकार किया जाता रहा छेद बंद कर दिया जाये तो झारखंड की कोख में अमीरी और गोद में गरीबी के विरोधाभासी कटु सत्य से छुटकारा दिलाना मुश्किल नहीं होगा। गौरतलब है कि सरकार के कई विभाग योजन मद की राशि को लैप्स होने से बचाने के लिए इसे पीएल एकाउंट में रख देते हैं जिससे वित्तीय कुप्रबंधन की स्थिति पैदा होती है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में राज्य सरकार ने तय किया था कि पीएल एकाउंट में सिर्फ सहायता अनुदान मद में मिली राशि रखी जायेगी।

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