एजेंसी
नयी दिल्ली। भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा को समझ नहीं आता कि आखिर हर स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में क्यों नही चुना गया। मिश्रा ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन फरवरी 2017 के बाद से जब वह इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनैशनल खेलते हुए चोटिल हुए उसके बाद से उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है। मिश्रा ने कहा, ‘मैं अब भी अपने आप से पूछता हूं कि मेरे साथ क्या हुआ। मुझे कोई भी संतोषप्रद उत्तर नहीं दे पाया है। टीम में एक नियम था कि अगर कोई चोट की वजह से बाहर होता है तो वह टीम में वापस आएगा। ऋद्धिमान साहा ने चोट के चलते करीब डेढ़ साल तक टीम से बाहर रहने के बाद वापसी की। मुझे नहीं पता कि मेरे साथ ऐसा क्या हुआ।’स्पोर्ट्स तक कार्यक्रम में बात करते हुए 37 वर्षीय इस लेग स्पिनर ने कहा, ‘जब मैं फॉर्म में था, तब भी अगर किसी पर गाज गिरनी होती तो वह मिश्रा होता।’

मिश्रा ने कहा कि उन्हें चयनकतार्ओं या टीम प्रबंधन से कोई मेसेज नहीं मिला कि चोट के बाद वापसी के लिए उन्हें क्या करने की जरूरत है। मिश्रा ने कहा कि उनकी एक इच्छा है कि उन्हें आखिरी एक बार भारतीय टीम से खेलने का मौका मिले। बेहतर हो अगर यह टी20 इंटरनैशनल मुकाबला हो। सपॉर्ट की बात करते हुए मिश्रा ने कहा कि जिस तरह का सपॉर्ट महेंद्र सिंह धोनी को सौरभ गांगुली से मिला अगर वैसा उन्हें मिला होता तो वह 70-80 टेस्ट मैच खेल जाते।

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