सोशल मीडिया पर दिल्ली में फंसे छात्र गुहार लगा रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान किराया माफ किया जाए. किराया माफी की गुहार लगाने पर जिला अधिकारी ने साफ तौर पर इनकार कर दिया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है.

दिल्ली विश्वविद्यालय और मुखर्जी नगर इलाके में छात्रों की एक बड़ी आबादी रहती है. किराया संकट न थमने की वजह से छात्र डीएम से गुहार लगा रहे हैं लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही है.

दिल्ली में लॉकडाउन के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस बात की सूचना दिल्ली वासियों को दी थी कि अगर दिल्ली में कोई मकान मालिक स्टूडेंट या माइग्रेंट लेबर से जबरदस्ती किराया वसूलते हैं तो उनके खिलाफ दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी.

लॉकडाउन में किराए पर रह रहे डीयू और मुखर्जी नगर के प्रवासी छात्रों की परेशानी बढ़ रही है. एक तरफ रूम रेंट का टेंशन पढ़ाई में आड़े आ रहा है तो कइयों को तो खाने-पीने तक के लाले पड़ रहे हैं. दिल्ली सरकार ने मकान मालिकों से एक महीने का किराया माफ करने की अपील की थी. ऐसा तो नहीं हो रहा है, उल्टा कई ऐसे मकान मालिक हैं जो विद्यार्थियों से कमरा खाली करने को कह रहे हैं.

डीयू के नॉर्थ कैंपस के आस-पास रहने वाले स्टूडेंट्स लॉकडाउन के दौरान ज्यादा परेशान हैं. अधिकतर छात्र दूसरे राज्यों से आकर मुखर्जी नगर, विजय नगर और नजदीकी इलाकों में रहते हैं. छात्र पढ़ाई के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करते हैं. ऐसे में पैसे की कमी और किराए की चिंता उनकी पढ़ाई में बाधा बन रही है.

मुखर्जी नगर इलाके में किराये पर रह रहे शिव प्रसाद का कहना है कि वे दो महीने से किराया नहीं दे पाए हैं. मकान मालिक आते-जाते बोल देता है, अब मजबूरन उन्हें अपने दोस्त के साथ विजय नगर में रहने आना पड़ा. उनके घर वाले भी लॉकडाउन के कारण पैसे भेजने में असमर्थ हैं. ऐसे में वे सरकार से ही अपील कर रहे हैं कि स्टूडेंट्स के लिए भी कुछ किया जाए .

बिहार के शिव प्रसाद जो दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे हैं, कहते हैं कि अभी हमने दो महीने का किराया नहीं दिया है. हमारा जिला अभी रेड जोन में है. हमारे घर वाले बाहर नहीं आ जा सकते हैं. पर हमें मकान खाली करने को बोल दिया गया है.

 

 

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