रांची। वेल्लोर और बेंगलुरु से रविवार को दो स्पेशल ट्रेन हटिया स्टेशन पहुंची। यहां से सभी को बसों के माध्यम से उनके जिले के लिए रवाना किया गया। जैसे ही रेल हटिया स्टेशन पहुंची, यहां रेल से उतरते ही हर चेहरे पर खुशियां तैर रही थीं। घर वापसी की खुशी थम नहीं रही थी। यहां जिला प्रशासन और रेलवे की ओर से भी तैयारियां भरपूर की गयी थीं। हर किसी की जांच की गयी। इसके बाद गुलाब का फूल भेंट कर स्वागत किया गया।
वेल्लोर और बेंगलुरु से हटिया स्टेशन पहुंचे 2131 प्रवासी मजदूरों और इलाजरत मरीजों को बसों से उनके जिलों के लिए भेजा गया। वेल्लोर और बेंगलुरु से लातेहार के लिए 265, पलामू के लिए 181, गढ़वा के लिए 28, लोहरदगा के लिए चार, गुमला के लिए पांच, खूंटी के लिए आठ, सरायकेला खरसावां के लिए 37, पश्चिमी सिंहभूम के लिए 50, पूर्वी सिंहभूम के लिए 68, बोकारो के लिए 196, धनबाद के लिए 269, रामगढ़ के लिए 38, हजारीबाग के लिए 173, चतरा के लिए 32, कोडरमा के लिए 102, गिरिडीह के लिए 285, देवघर के लिए 53, दुमका के लिए 84, जामताड़ा के लिए 28, गोड्डा के लिए 51, पाकुड़ के लिए नौ, साहेबगंज के लिए 13 और रांची के लिए 152 लोग आये।
निजी वाहन लाने वालों के लिए पास की व्यवस्था
इलाजरत मरीजों को लेने के लिए निजी वाहनों से हटिया स्टेशन पहुंचे परिजनों को पास देने की व्यवस्था भी जिला प्रशासन की ओर से की गयी थी। एक से 12 और 13 से 24 बोगियों के लिए पास देने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गयी थी। इसके लिए जिला परिवहन पदाधिकारी और बीडीओ रातू के साथ डाटा इंट्री आॅपरेटरों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी।