नई दिल्ली । कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच घरों में कैद महिलाओं की मदद के लिए कांग्रेस पार्टी आगे आई है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा है कि उनकी टीम सेनेटरी नैपकिन खरीदने से वंचित रहने वाली गरीब और जरूरतमंद महिलाओं तक सामान पहुंचाएगी। इसके तहत पाटी 25 लाख सेनेटरी नैपकिन का वितरण करेगी।
सुष्मिता देव ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से मुश्किलों का सामना कर रहे गरीब परिवारों की महिलाओं के बीच आने वालो दिनों में 25 लाख सेनेटरी नैपकिन वितरण किया जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक ट्रेनों में सफर करने वाली महिलाओं या क्वारेंटाइन केंद्रों में रहने वाली गरीब महिलाओं के बीच पांच लाख के करीब नैपकिन बांटी जा चुकी है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक संकल्प के तहत 25 लाख सेनेटरी नैपकिन उन महिलाओं तक पहुंचाना है जो लॉकडाउन में इसकी खरीदारी नहीं कर पा रही हैं। इस मदद के साथ टीम लोगों को साबुन व सफाई व सुरक्षा के जुड़े सामान भी मुहैया कर रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को निशाने पर लेते हुए सुष्मिता देवा ने कहा कि पहले तो इस सरकार ने महिला स्वास्थ्य के प्रति कोई संवेदना नहीं दिखाई। तभी तो सेनेटरी नैपकिन को आवश्यक उत्पादों की श्रेणी में नहीं रखा गया। लेकिन जब आलोचना के सुर तेज हुए तो सरकार ने आनन फानन में सेनेटरी नैपकिन को आवश्यक उत्पाद में शामिल किया और कहा कि सस्ती दरों पर सेनेटरी नैपकिन जन औषधि केंद्र से खरीदें। हालांकि वह यह भूल गई कि जो महिलाएं चिकित्सा प्रमाणपत्र के लिए 12 से 18 घंटे आज कतार में खड़ी हैं, ट्रेन में सफर रही हैं, पैदल चल रही हैं, क्वारंटीन सेंटर में हैं, वह जन औषधि केंद्र तक कैसे पहुंचेंगी? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को यह समझ नहीं आ रहा कि माहवारी महामारी के वक्त नहीं रुकती।