आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन कोरोना संकट को लेकर सांसदों और विधायकों से साथ संवाद किया। करीब चार घंटे तक चले संवाद के दौरान सभी ने एकजुट होकर कोरोना से लड़ने और इस जंग को जीतने का संकल्प व्यक्त किया। सभी सांसदों-विधायकों ने एक स्वर से कहा कि यह पूरे राज्य की आपदा है और इससे निकलने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। संवाद के दौरान सांसदों और विधायकों ने मुख्यमंत्री को कई अहम सुझाव भी दिये. बाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन सुझावों के अनुरूप आगे की रणनीति तैयार करेगी। यह रणनीति वर्तमान दूसरी लहर को काबू में करने के साथ तीसरी लहर का सामना करने में भी कारगर होगी।
मुख्यमंत्री ने सांसदों और विधायकों के सुझाव सुनने के बाद कहा कि कोरोना की पहली लहर से हम सकारात्मक तरीके से निपटने में कामयाब रहे। दूसरी लहर से हम मुकाबला कर रहे हैं और अब तीसरी लहर के आने का भी खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में अब इतना समय नहीं है कि कोरोना से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करें। कोरोना को कैसे नियंत्रित किया जाये और संक्रमितों को समुचित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाये, इसे लेकर राज्य सरकार पूरी ताकत के साथ काम कर रही है।
संवाद शृंखला के दूसरे दिन दक्षिणी छोटानागपुर और कोल्हान प्रमंडल के मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हुए। बुधवार को उत्तरी छोटानागपुर के सांसदों और विधायकों के साथ सीएम संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। कई अहम सुझाव मिले हैं। इन्हीं सुझावों के आधार पर सरकार आगे कदम बढ़ाएगी। उन्होंने सांसदों और विधायकों से कहा कि सभी की एकजुटता, सहभागिता और सहयोग से ही कोरोना को काबू में कर सकते हैं।

हेमंत सोरेन ने कहा

  1. संवाद के दौरान मिले सुझावों पर सरकार बनायेगी आगे की रणनीति
  2. ग्रामीण इलाके में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सरकार लगातार कर रही प्रयास
  3. लोगों को कोरोना से बचाव और टीकाकरण को लेकर जागरूक करने में जन प्रतिनिधि निभायें अपनी जिम्मेदारी

तीन सौ पूर्व सैनिक देंगे सेवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक कल्याण बोर्ड ने इस जंग में सरकार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। तीन सौ पूर्व सैनिक कोरोना वॉरियर्स के रूप में अपनी सेवा देंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों, नर्सों, पारा मेडिकल कर्मी और अन्य मैनपावर की कमी से सरकार अवगत है। इस दिशा में अगर कोई अवकाश प्राप्त चिकित्सक या अन्य कर्मी अपनी सेवा देने को इच्छुक हैं, तो इसकी जानकारी दें। सरकार इस दिशा में जरूरी पहल करेगी।

संसाधन बढ़ाने का प्रयास लगातार जारी है
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के शुरूआती दिनों में राज्य में मात्र सौ आॅक्सीजनयुक्त बेड थे, लेकिन आज इसकी संख्या बढ़कर 10 हजार से ज्यादा हो चुकी है। बेडों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। इसके अलावा आइसीयू बेड तथा वेंटिलेटरों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेंटिलेटर स्थापित करने के लिए दक्ष तकनीशियन की जरूरत है, लेकिन इनकी संख्या कम है। इस वजह से कई अस्पतालों में इन्हें शुरू नहीं किया जा सकता है। सरकार इस दिशा में भी गंभीरता से विचार कर रही है।

अन्य राज्यों की जरूरतों को भी पूरा कर रहा झारखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में देश और मानव हित में झारखंड अपनी जरूरतों के साथ अन्य राज्यों की जरूरतों को भी पूरा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड देश को लगभग छह सौ मीट्रिक टन आॅक्सीजन की आपूर्ति कर रहा है। कोरोना से जंग में जरूरी संसाधनों की किसी राज्य को कमी नहीं हो, यह हमारी सरकार की विशेष प्राथमिकता रही है। हमारे पास जो भी संसाधन उपलब्ध होंगे, दूसरों को उनकी जरूरत के हिसाब से उपलब्ध करायेंगे।

आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचेगी कोरोना मेडिकल किट
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाके में दवाइयों की कोई किल्लत नहीं होने दी जायेगी। सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कोरोना मेडिकल किट को लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दे चुकी है। अब तक 45 हजार से ज्यादा कोरोना मेडिकल किट का वितरण किया जा चुका है।

18 प्लस के टीकाकरण को लेकर तैयारियां पूरी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का टीकाकरण 14 मई से शुरू होगा। इसे लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 हजार हजार लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जबकि इस अभियान के लिए चार लाख के लगभग टीके उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान के लिए सात लाख टीके केंद्र सरकार उपलब्ध कराये, ताकि दूसरी डोज दी जा सके।

कड़े कदम उठाने की है जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना को नियंत्रित करने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए कोरोना की चेन को तोड़ना निहायत जरूरी है। इसलिए कड़े कदम उठाने पर भी सरकार विचार कर रही है।

चाईबासा इलाके पर रिपोर्ट देने का डीसी को निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने ने मंत्री जोबा मांझी की बातों को गंभीरता से लिया। उन्होंने चाईबासा डीसी को ग्रामीण क्षेत्र की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाईबासा का इलाका भौगौलिक दृष्टि से टफ है। वहां पर आये दिन मृत्यु हो रही है। एक कमेटी बना कर जांच करायें कि ग्रामीण क्षेत्र में हो क्या रहा है। वायरल से मौत हो रही है या टीका से मौत हो रही या फिर कोई नया कारण आ गया है। गांव के मुखिया से बात करें। क्षेत्र के हालात पर विस्तृत रिपोर्ट बना कर स्वास्थ्य सचिव को दें।

इन्होंने विचार-विमर्श के दौरान दिये अहम सुझाव
संवाद में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद विद्युत वरण महतो, सुदर्शन भगत, गीता कोड़ा, संजय सेठ, राज्यसभा सदस्य महेश पोद्दार, दीपक प्रकाश, धीरज साहू और समीर उरांव के अलावा मंत्री चंपई सोरेन और जोबा मांझी, विधायक रामदास सोरेन, संजीव सरदार, मंगल कालिंदी, दीपक बिरुआ, नीरल पूर्ति, सुखराम उरांव, दशरथ गागराई, सोनाराम सिंकू, सरयू राय, सविता महतो, विकास कुमार मुंडा, राजेश कच्छप, भूषण बाड़ा, नमन विक्सल कोनगाड़ी, कोचे मुंडा, नीलकंठ सिंह मुंडा, सीपी सिंह, समरी लाल, सुदेश महतो और बंधु तिर्की ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव को लेकर अपने अहम सुझाव दिये।

ग्रामीण क्षेत्रों पर सरकार का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के ग्रामीण इलाको में संक्रमण के खतरे को कैसे रोका जाये, इसपर सरकार का विशेष फोकस है। शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों का विस्तार कर हमने कोरोना को लेकर शुरू में पैदा हुई अफरा-तफरी को रोक लिया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी जागरूकता के अभाव में खतरे को लोग समझ नहीं पा रहे हैं। टीकाकरण को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति है। टेस्ट को लेकर भी लोग उदासीन हैं। शवों के दाह-संस्कार में कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है। इससे कोरोना तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। ऐसे में सरकार अब विशेष तौर पर ग्रामीण इलाकों में कोरोना की जांच, इलाज और टीकाकरण को लेकर कार्ययोजना बनाकर कार्य कर रही है। इसके तहत लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें सभी जन प्रतिनिधियों की भी अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने सांसदों-विधायकों से इसमें सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version