रांची। प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की जांच में लगातार एक के बाद एक नये खुलासे हो रहे है। जांच मनरेगा घोटाले से शुरू हुई थी, लेकिन अब यह अवैध खनन की तरफ मुड़ गया है। इडी सूत्रों के मुताबिक अवैध रूप से खनन किये गये पत्थर के चिप्स बांग्लादेश भेजे जाते हैं। यह भी खुलासा हुआ है कि खनन माफियाओं का एक मजबूत नेटवर्क है, जो ऐसे काम को अंजाम देता है। इडी ने पिछले दिनों साहिबगंज, दुमका और पाकुड़ के खनन पदाधिकारी को पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ में दो जिलों के खनन पदाधिकारियों ने इडी के समक्ष यह खुलासा किया।
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान पाकुड़ और दुमका के खनन अधिकारियों ने पंकज मिश्रा का भी नाम लिया है। संथाल परगना में माइनिंग बिजनेस को पंकज मिश्रा कंट्रोल करते थे। बताया जा रहा है कि कि इडी ने संबंधित जिला प्रशासन को खनन और परिवहन चालान सहित सभी दस्तावेज जमा करने को कहा है। इडी ने कहा है कि अवैध खनन और परिवहन के जरिये न सिर्फ मनी लॉन्ड्रिंग की गयी है, बल्कि सरकार को रॉयल्टी का भी नुकसान हुआ है। इडी के मुताबिक, खनन सिंडिकेट में पश्चिम बंगाल के भी कुछ लोग शामिल हैं। यह सिंडिकेट संथाल परगना के तहत तीन जिलों में संपूर्ण खनन गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि स्टोन चिप्स रेलवे मालगाड़ी के जरिये बांग्लादेश तक भेजे जाते हैं। पत्थर के परिवहन के लिए जारी चालान के खिलाफ स्टोन चिप्स का परिवहन किया जाता है। यहां तक कि कुछ ऐसे मामले भी देखे गये हैं, जहां बिना किसी परिवहन परमिट के रेलवे द्वारा माल ढुलाई की गयी थी।
सूत्रों की मानें तो कुछ मामले इडी के संज्ञान में लाये गये हैं। इनमें एक ओटन दास एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, स्टोन इंडिया और एनएसएस एंड कंपनी का मामला भी शामिल है। पाकुड़ में खनन में हिस्सेदारी रखने वाली इन कंपनियों पर रेलवे के जरिये पत्थर पहुंचाने का आरोप है। उधर, इडी के अधिकारी लगातार आइएएस पूजा सिंघल और सीए सुमन कुमार सिंह से पूछताछ कर रहे हैं। इडी आइएएस पूजा सिंघल और सीए सुमन कुमार को आमने- सामने बैठाकर उनके मोबाइल चार्ट में मिले मामले के बारे में पूछताछ कर रही है। इस बीच रांची के बिल्डर विनय सरावगी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जिलों के डीएमओ से भी पूछताछ की गयी है। इन सभी से पूछताछ के दौरान इडी को कई अहम जानकारियां मिलीं है।
पूजा सिंघल के वाट्सएप चैट से बढ़ सकती है रांची डीसी की पेरशानी!
पूजा सिंघल के चैट से रांची डीसी भी खनन लीज प्रकरण मामले में फंसते नजर आ रहे हैं। पत्थर खदान पट्टा देने में खनन विभाग की कोई भूमिका नहीं होती है। सारी जिम्मेदारी डीसी की होती है। डीसी की रजामंदी के बाद ही खनन पट्टा मिल सकता है। जैसा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने के साथ हुआ। रांची डीएमओ ने 10 जून 2021 को पट्टा जारी किया। जिसे स्वीकृति 30 जुलाई 2021 को दी गयी। पूजा सिंघल ने 4 अगस्त 2021 में खनन विभाग का चार्ज लिया। जारी लाइसेंस को रद्द करने की प्रकिया शुरू हुई तो पूजा सिंघल की भूमिका नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक इडी जांच में पूजा सिंघल के मोबाइल से कई गोपनीय जानकारी मिली है। इडी जांच में व्हाट्स एप चैट में लीज कैंसिल करने का ड्राफ्ट भी मिला है। पदभार ग्रहण करने के बाद लीज को कैंसिल करने का ड्राफ्ट बतौर खान सचिव भेजा गया था। निलंबित आइएएस पूजा सिंघल का मोबाइल इडी ने जब्त कर केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला दिल्ली भेजा था। मोबाइल की जांच संबंधित रिपोर्ट मिलने के बाद नये-नये खुलासे हो रहे हैं।
पूजा सिंघल की तबीयत बिगड़ी, आनन-फानन में पहुंचे डॉक्टर
इडी की हिरासत में आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल काफी परेशान हैं। लगातार उनके स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव हो रहा है। बुधवार की शाम के करीब 4 बजे पूछताछ के दौरान ही अचानक पूजा सिंघल की तबीयत खराब हो गयी, जिसके बाद आनन-फानन में सदर अस्पताल से डॉक्टरों की टीम बुला कर पूजा सिंघल का मेडिकल चेकअप करवाया गया। डॉ दयानंद सरस्वती ने बताया कि वैसे तो पूजा सिंघल को बीपी की दवाइयां दी जा रही हैं, लेकिन बेहद तनाव में होने की वजह से दवा से उनका बीपी कंट्रोल नहीं हो पा रहा है, यही वजह है कि बीपी लगातार बढ़ रहा है। जिसके चलते उन्हें चक्कर आने की समस्या हो रही है। फिलहाल उन्होंने उन्हें कुछ घंटे आराम करने की सलाह दी है। इससे उन्हें आराम मिलेगा। इससे पहले बुधवार सुबह भी पूजा सिंघल की मेडकिल जांच हुई थी, जिसमें उन्हें फिट बताया गया था।

 

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