-उत्पाद विभाग ने FIR में फरारी की बात छुपायी
झारखंड राज्य उत्पाद विभाग ने रांची की दो शराब दुकानों में लाखों रुपये की गड़बड़ी पकड़ी है। इसके बाद विभाग की ओर से अरगोड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया है। लाखों रुपये की गड़बड़ी का पता तब चला जब विभाग की ओर से एक से छह मई 2023 के बीच के स्टॉक और बिक्री का मिलान किया। शराब दुकानों से लाखों रुपये की गड़बड़ी करने वाले मैनपावर कंपनी प्राइम वन वर्क फोर्स प्रालि के कर्मचारी हैं। जिन दो दुकानों से गड़बड़ी का पता चला है, वह अरगोड़ा चौक और हरमू बाजार में है। जांच के दौरान उत्पाद विभाग ने लगभग सात लाख रुपये का अंतर पाया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल एक मई से पहले रांची में प्राइम वन वर्क फोर्स प्रालि की ओर से नियुक्त कर्मी शराब बेचते थे। एक मई से सिस्टम में बदलाव किया गया। जिसके बाद विभाग की ओर से स्टॉक और बिक्री की जांच की गयी। इसी जांच के दौरान पाया कि अरगोड़ा चौक स्थित दुकान में 5,76,830 रुपये और हरमू बाजार स्थित दुकान में 1,01,810 लाख रुपये का अंतर है। इसके बाद विभाग सक्रिय हुआ। राजधानी में पायी गयी गड़बड़ी के बाद अब पूरे राज्य में इसी तरह की जांच की जा रही है।
सात कर्मचारी हुए फरार
विभाग की ओर से किए गए जांच के बाद अवर निरीक्षक उत्पाद प्रदीप शर्मा द्वारा सभी सेल्समैन को पकड़ कर झारखंड स्टेट बिवरेज कॉरपोरेशन (जेएसबीसीएल) के कार्यालय लाया गया था। वहां से सभी सेल्समैन निकल गए। अरगोड़ा थाने में दर्ज प्राथमिकी में इस बात का जिक्र नहीं किया गया है कि कर्मचारी भाग गए हैं।
ये कर्मचारी हैं फरार
- उमा शंकर सिंह, औरंगाबाद
- निखिल कुमार, पुरानी रांची
- दीपक सिंह, बक्सर
- रंजय सिंह, भुरकुंडा
- गुप्तेश्वर सिंह, औरंगाबाद
- रंजीत कुमार सुमन, भुरकुंडा
- पिंटू कुमार