– कोलकाता के एडिशनल रजिस्ट्रार आॅफ एश्योरेंस से हुई पूछताछ
-इडी ने त्रिदीप मिश्रा को भेजा था 2 मई को आने के लिए समन
-फर्जी कागजात कोलकाता में होते थे तैयार
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। रांची में सेना की जमीन के फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) झारखंड से बंगाल तक सबूत जुटाने में लगी है। जमीन का फर्जी कागजात तैयार करने में बंगाल से लिंक जुड़ने के बाद इडी ने कोलकाता के एडिशनल रजिस्ट्रार आॅफ इंश्योरेंस त्रिदीप मिश्रा को तलब किया था। मिश्रा मंगलवार को रांची स्थित इडी कार्यालय पहुंचे उनसे अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की।

अफसर से पूछताछ में हुआ था खुलासा:
सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार किये गये अफसर अली और अन्य लोगों के बयान और छापेमारी में प्राप्त कागजात के बाद कई बड़े चेहरे इडी के रडार पर आये हैं। इडी को यह भी तथ्य मिल चुका है कि रांची में जमीन का फर्जीवाड़ा करने के लिए कागजत कोलकाता में तैयार होते थे। अफसर अली ने ही इस मामले में कोलकाता के रजिस्ट्रार आॅफ एश्योरेंस के कर्मियों की भूमिका की जानकारी दी थी। यही वजह है कि इडी ने मिश्रा को पूछताछ के लिए बुलाया। सूत्रों के मुताबिक त्रिदीप मिश्रा से अफसर के बयानों के आधार पर कई सवाल पूछे गये। साथ इडी के छापेमारी के दौरान मिले कागजात को लेकर भी उनसे सवाल पूछा। कोलकाता में रांची के जमीन के कागजात किस तरह से तैयार किये गये इससे भी संबंधित सवाल किये गये। उनके कुछ जवाबों से अधिकारी असंतुष्ट हुए। जबकि कुछ जवाब इस मामले को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होंगे।

दिलीप घोष समेत चार को इडी ने भेजा समन:
जमीन फर्जीवाड़ा मामले में इडी ने कोलकाता के जगत बंधु टी स्टेट के दिलीप घोष समेत चार लोगों को समन जारी किया है। जिन लोगों को समन जारी किया गया है, उनमें जमीन दलाल भी शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इडी ने 8 मई को राजेश राय, भरत प्रसाद और लखन सिंह को इडी कार्यालय बुलाया गया है। वहीं, दिलीप घोष को 10 मई को बुलाया गया है। सूत्रों के मुताबिक राजेश राय ने सबसे पहले विवादित चेशायर होम वाली जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी। वहीं लखन प्रसाद और भरत प्रसाद दोनों ही रांची में जमीन कारोबार से जुड़े हैं। चेशायर होम जमीन की दलाली के एवज में इन्हें अच्छी रकम मिली थी।

वैभवणि त्रिपाठी से पूछताछ हुई:
गौरतलब है कि इसी मामले में सोमवार को रांची के सब रजिस्ट्रार वैभवमणि त्रिपाठी रांची स्थित इडी कार्यालय में हाजिर हुए थे। जहां अधिकारियों ने घंटो पूछताछ की। इडी ने वैभवमणि से रांची स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में रखे गये दस्तावेज के सिलसिले में पूछताछ की। इससे पहले रांची के तत्कालीन आयुक्त और वर्तमान में कल्याण विभाग के निदेशक छवि रंजन से इडी पूछताछ कर चुकी है।

पूरे हफ्ते कई लोगों से होगी पूछताछ:
इडी ने पूरे सप्ताह कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है। आएएस छवि रंजन को 4 मई को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वहीं, विष्णु अग्रवाल समेत अन्य चार लोगों को 8 मई को और दिलीप घोष को 10 मई को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। गौरतलब है कि इडी ने 13 अप्रैल को सेना की 4.55 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा मामले में झारखंड, बिहार और बंगाल में 22 जगहों पर एक साथ छापेमारी की थी। इसमें आइएएस छवि रंजन सहित बड़गाई अंचलकर्मी भानु प्रताप और अन्य जमीन दलाल शामिल थे। भानू प्रताप के घर से बक्से भर कर जमीन से जुड़े कागजात मिले। इसके बाद इडी ने भानु प्रताप, रिम्स का कर्मचारी अफसर अली खान, कोलकाता का प्रदीप बागची, इम्तियाज खान, तलहा खान, अयाज खान और मोहम्मद सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ और जब्त दस्तावेज में इडी को कई अहम सबूत मिले। इसमें केवल सेना की ही जमीन नहीं, रांची के चेशायर होम स्थित जमीन समेत कई भू खंडों के फर्जीवाड़े के सबूत मिले हैं। इडी इनकी अभी जांच कर रही है और जैसे-जैसे जांच बढ़ रही एक के बाद एक संबंधित व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।

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