-शराब ब्रिकी टेंडर पर भी हुई हाइकोर्ट में सुनवाई
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। हाइकोर्ट में मंगलवार को झारखंड विधानसभा में नमाज कक्ष के रूप में एक कमरे को नोटिफाइड करने और शराब ब्रिकी टेंडर गड़बड़ी मामले में दायर याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने पूछा कि नमाज कक्ष का आवंटन किस आधार पर किया गया है। वहीं, शराब बिक्री टेंडर मामले में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने विधायक अनूप सिंह द्वारा केस उठाने के लिए धमकी देने की बात कही।

नवाज कक्ष पर अगली सुनवाई 18 मई को:
झारखंड हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मंगलवार को झारखंड विधानसभा में नमाज कक्ष के रूप में एक रूम को नोटिफाइड किये जाने को चुनौती देने वाली अजय कुमार मोदी की जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मौखिक रूप से पूछा है कि यह व्यवस्था किस आधार पर की गयी। मामले में झारखंड विधानसभा की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार ने कोर्ट को बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों के विधानसभा से नमाज कक्ष को लेकर एक रिपोर्ट मंगायी गयी है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कानूनी पक्ष को देखते हुए इस संबंध में बनी कमेटी अपना रिपोर्ट देगी। यह देखा जा रहा है कि देश के किन किन राज्यों के विधानसभा में नमाज कक्ष की व्यवस्था है। हाइकोर्ट ने मामले में झारखंड विधानसभा को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई 18 मई निर्धारित की है।

याचिकाकर्ता दो सप्ताह में पूरक शपथ पत्र दे:
झारखंड हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में मंगलवार को शराब ब्रिकी टेंडर गड़बड़ी मामले में दायर उमेश कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजीव कुमार ने कोर्ट को बताया कि इस केस को उठाने के लिए याचिकाकर्ता उमेश कुमार को विधायक अनूप सिंह ने धमकी दी है। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह जानकारी कोर्ट के रिकॉर्ड पर दो सप्ताह में पूरक शपथ के माध्यम से लाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल कर बताने को कहा है कि याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकल्प गुप्ता के खिलाफ कितने केस दर्ज हैं। प्रतिवादी राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल हाइकोर्ट से आॅनलाइन जुड़े। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को धमकाने और उसके भाई को पुलिस द्वारा उठाने के मामले की वस्तुस्थिति कोर्ट को अवगत कराने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से पूछा था कि याचिकाकर्ता को क्यों धमकाया गया एवं प्रार्थी के अधिवक्ता विकल्प गुप्ता जो इस केस में सहयोग कर रहे हैं उसके भाई को क्यों 43 घंटा तक हाजत में रखा गया।

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