कोलकाता। पूर्व मेदिनीपुर जिला अंतर्गत एगरा के खादीकुल इलाके में एक अवैध पटाखा कारखाने में विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। पांच अन्य लोगों की हालत गंभीर है। जिला प्रशासन के एक सूत्र ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि दोपहर के समय ब्लास्ट की घटना के तुरंत बाद जिला पुलिस अधीक्षक अमरनाथ के ने बताया था कि तीन लोगों की मौत हुई है। चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोपहर के समय अचानक तेज विस्फोट की आवाज स्थानीय लोगों ने सुनी। उसके बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा की फैक्ट्री की छत उड़ गई है और तीन लोगों के शव कई टुकड़ों में बंटकर सड़क के पास छिटके पड़े थे। अन्य लोग झुलसी हुई हालत में कराह रहे थे। सूचना मिलने के तुरंत बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तीन शवों सहित सभी को उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया।
पूर्व मेदिनीपुर के जिला पुलिस अधीक्षक अमरनाथ के ने बताया था कि जिस जगह पर विस्फोट हुआ है वह ओडिशा की सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है। वहां पटाखा तैयार करने का काम चल रहा था। अभी तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई लोग घायल हैं। घटना की जांच की जा रही है।”
हालांकि पटाखा फैक्टरी अवैध थी या नहीं, इस बारे में कुछ भी बोलने से पुलिस अधीक्षक ने इनकार कर दिया।
इधर, एगरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची है। पूरे वारदात स्थल को घेर दिया गया है। विस्फोट के बाद पटाखा कारखाने में आग भी लग गई थी जिसे बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी भी मौके पर पहुंची। आग पास की एक झोपड़ी में भी लग गई थी जिसे काबू कर लिया गया है।
यहां कैसे पटाखे का निर्माण किया जा रहा था और पुलिस क्या कर रही थी इस बारे में सवाल खड़े हो रहे हैं। कारखाना मालिकों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि कारखाने के मालिक का नाम कृष्ण पद उर्फ भानु बाग है जो पहले भी अवैध पटाखा कारखाना चलाने के आरोप में गिरफ्तार हुआ है। उन्होंने घटना की सीआईडी जांच के आदेश दिए और कहा कि कारखाना मालिक के ओडिशा फरार होने की सूचना है लेकिन हम लोगों से कहीं से भी ढूंढ कर लाएंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल दिसंबर में कांथी के भगवानपुर दो नंबर ब्लॉक के भूपति नगर थाना अंतर्गत अर्जुननगर ग्राम पंचायत क्षेत्र के भी एक पटाखा कारखाने में इसी तरह से विस्फोट हुआ था। उसमें एक तृणमूल नेता सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। दक्षिण 24 परगना में भी ऐसी घटनाएं अमूमन होती रहती हैं।