-राज्य आघे बढ़ेंगे, तो देश बढ़ेगा : मोदी
-बहिष्कार करनेवालों पर भाजपा ने साधा निशाना
आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की आठवीं बैठक शनिवार को यहां संपन्न हुई। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक में देश के तेजी से विकास के लिए रणनीति तैयार की गयी। बैठक में ‘विकसित भारत’ पर चर्चा हुई। हालांकि यह बैठक भी राजनीति की भेंट चढ़ गयी, क्योंकि 10 राज्यों के सीएम इसमें शामिल नहीं हुए। नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होने के इस फैसले को भाजपा ने जनविरोधी और गैर जिम्मेदाराना बताया।
प्रगति मैदान में हुई बैठक का मुख्य विषय ‘विकसित भारत@2047 : टीम इंडिया की भूमिका’ था। बैठक से पहले आयोग ने एक बयान में कहा था कि यहां एमएसएमइ, बुनियादी ढांचा और निवेश, महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य एवं पोषण, कौशल विकास, और गति शक्ति सहित प्रमुख विषयों पर चर्चा की जायेगी। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री या उपराज्यपालों को बैठक में आमंत्रित किया गया था।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए साझा विजन विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब राज्य बढ़ते हैं, तो भारत बढ़ता है। प्रधानमंत्री ने राज्यों से वित्तीय रूप से विवेकपूर्ण निर्णय लेने का आग्रह किया, ताकि वे वित्तीय रूप से मजबूत बन सकें और नागरिकों के सपनों को पूरा करने वाले कार्यक्रमों को पूरा करने में सक्षम हो सकें।
इन लोगों ने किया किनारा
बैठक से दूर रहनेवालों में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, पंजाब के भगवंत मान, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी, बिहार के नीतीश कुमार, तेलंगाना सीएम के चंद्रशेखर राव, राजस्थान के अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल, केरल के पिनाराई विजयन और तमिलनाडु के एमके स्टालिन और कर्नाटक के सिद्धारमैया शामिल हैं।
रविशंकर का हमला
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीति आयोग देश के विकास और योजनाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस बैठक के लिए एक सौ मुद्दे तय किये गये हैं। अब जो मुख्यमंत्री नहीं आये हैं, वे अपने प्रदेश की जनता की आवाज यहां तक नहीं ला रहे हैं। उन्होंने शामिल नहीं होने वाले उन सभी मुख्यमंत्रियों से पूछा कि आखिर वे मोदी विरोध में कहां तक जायेंगे।