सिमरिया में दिखी मोदी लहर की बानगी
चतरा की सड़क और चौक हो गया चोक
चहका बचपन, तो युवा-बुजुर्ग-महिलाओं का उत्साह उफान पर
सभास्थल से जैसा देखा सुना
रांची। जब विपक्ष बोलता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर नहीं है, तो उसे झारखंड के सिमरिया आकर देखना चाहिए कि मोदी लहर होती क्या है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखने और सुनने जिस हिसाब से भीड़ का जत्था आ रहा था, वह शब्दों में कैसे बयां करूं। कठिन लग रहा है। बस समझ लीजिए भीड़ का नजारा ऐसा कि कभी न खत्म होने वाली कड़ी लग रही थी। भीड़ कहां से शुरू और कहां खत्म हो रही थी, उसे पता लगाने के लिए कई किलोमीटर चलना पड़ता। समय करीब दो बजे थे। सिमरिया चौक की तरफ से आजाद सिपाही की टीम सभास्थल की ओर बढ़ रही थी।

चौक अचानक से चोक होने लगा। कार्यकर्ताओं और आम लोग पीएम मोदी को देखने के लिए आगे बढ़ रहे थे। सभा करीब साढ़े चार बजे शुरू होनी थी। दूर गांव से लोग पैदल सभास्थल पहुंच रहे थे। क्या युवा, क्या जवान, क्या पुरुष और क्या महिलाएं, बुजुर्ग भी बड़े उत्साह के साथ सभास्थल की ओर तेजी से बढ़ रहे थे। बच्चे भी चहक-चहक कर पीएम का दीदार करने के लिए उत्साह के साथ सभा की ओर आ रहे थे। सिमरिया का मौसम भी साथ दे रहा था। शुरूआत में तो धूप थी लेकिन तपिश कम थी, क्योंकि आसपास के इलाकों में बहुत तेज बारिश हुई थी। खेत के खेत पानी से भर गये थे। हवा इतनी तेज की पेड़ सड़क पर गिरे पड़े थे। बिजली भी बहुत तेज कड़क रही थी। करीब आधे घंटे में ऐसा प्रतीत हुआ कि कहीं यह बारिश सिमरिया में भी हो रही होगी, तो सभा को बहुत असर पड़ता। लोग पहुंच नहीं पाते। जब बारिश हो रही थी तो उस वक्त हम लोग सिमरिया से चालीस किलोमीटर दूर थे। कुछ देर के लिए तो गाड़ी भी रोकनी पड़ी थी। क्योंकि पेड़ों से डाल हमारे सामने ही गिर रहे थे। हजारीबाग के झंडा चौक से हम लोग सिमरिया की तरफ निकले थे। खैर जब हम सभास्थल पहुंचे, तो कार्यकर्ताओं की तो छोड़ दीजिये, ऐसा लग रहा था कि आज की सभा की कमान आम जनता ने ही संभाल रखी है। इस सभा को महा विजय संकल्प सभा का नाम दिया गया। करीब 3 बजे की बात करूं तो सभास्थल पर लगा टेंट भर चुका था। जितनी भीड़ अंदर थी, उससे चार गुणा भीड़ टेंट के बाहर भी थी। ऐसा लग रहा था कि मेला लगा है। इसी दौरान अचानक से हवा तेज होने लगी, धूल उड़ने लगी, मोटी-मोटी बारिश की बूंदें तेज होने लगी।

उसके बाद बारिश तेज हो गयी। जो लोग टेंट में थे, वे तो आराम से बैठे थे, लेकिन जो भीड़ बाहर खड़ी थी, भागकर छिपने की जगह तलाशने लगी। बारिश सिर्फ 15 मिनट तक हुई। उसके बाद रुक गयी। मौसम सुहाना हो गया। लोगों को गर्मी से राहत भी मिली। अब हम सभास्थल में प्रवेश कर गये थे। सभा में मौजूद लोग पीएम मोदी का बड़ी उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे थे। घड़ी-घड़ी गजब का शोर जनता के द्वारा। वक्त करीब तीन बजकर पच्चीस मिनट, अभी भी बसें भर भरकर लोगों की भीड़ सभा देखने आ रही थी। भीड़ में आ रहे लोगों से जब इस संवाददाता ने बातचीत करनी शुरू की तो सभी मोदी के मुरीद थे। वे सभी केंद्रीय योजनाओं की सराहना कर रहे थे। कह रहे थे मोदी ने खाने को दिया, इलाज कराया। भीड़ में ही एक बुजुर्ग मुसलमान मिले, बातचीत में उन्होंने बताया कि मोदी ने बहुत कुछ दिया है। मुफ्त राशन दिया है, गैस सिलिंडर दिया है, इलाज भी करवा रहे हैं और क्या चाहिए। समय पांच बजकर पांच मिनट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की आवाज सुनाई देनी शुरू हुई। लोगों का शोर और हेलीकॉप्टर की आवाज में कंपटीशन था। जैसे-जैसे हेलीकॉप्टर की आवाज तेज हो रही थी, लोगों की आवाज उससे भी ज्यादा तेज। भीड़ में श्रीराम के नारे लगाने शुरू किये। नरेंद्र मोदी जिंदाबाद का नारा आसमान में गूंजने लगा। समय पांच बजकर 16 मिनट और नरेंद्र मोदी की मंच पर इंट्री होती है। लोगों में गजब का जोश। शोर से पूरा वातावरण मोदी मय हो गया। पांच बजकर 22 मिनट पर नरेंद्र मोदी ने श्रीराम के नारों के साथ अपना भाषण शुरू किया। मोदी के एक-एक शब्द पर लोगों का शोर। यह शोर नहीं यह लहर थी जो बता रही थी कि मोदी देश की जनता के लिए क्या हैं। मोदी एक भावना हैं।

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