रांची। रांची सहित राज्य के विभिन्न सरकारी एवं आवासीय विद्यालयों और संस्थानों में अध्ययनरत 35 हजार से अधिक पोस्ट मैट्रिक छात्र-छात्राएं इस वर्ष की छात्रवृत्ति से वंचित हो सकते हैं। क्योंकि स्कूल प्रबंधन ने अब तक ई-पोर्टल में अपना अप्रूवल दर्ज नहीं कराया है। इसके पीछे का कारण सरकारी स्कूल एवं आवासीय विद्यालयों के शिक्षक और अन्य कर्मियों के चुनाव डयूटी में जाना बताया जा रहा है। हालांकि स्कूल के प्राचार्य चाहें, तो उसे अपलोड करा सकते हैं। मगर चुनाव ड्यूटी का बहाना बनाया जा रहा है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को इस वर्ष मिलने वाली छात्रवृत्ति से हाथ धोना पड़ सकता है।
क्या है नियम
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए संबंधित स्कूल या कॉलेज को स्थानीय उपायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी अप्रूवल देती है। इसके बाद ही स्कूल या कॉलेज का नाम ई-पोर्टल पर नजर आता है। कई जिलों में अब तक शिक्षण संस्थानों को अप्रूवल ही नहीं मिला है। वहीं, छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर ही आवेदन करना जरूरी है। लेकिन, पोर्टल पर संस्थान के नहीं होने की वजह से आवेदन करना संभव नहीं हो पा रहा है।
संस्थान बरत रहे लापरवाही
राज्य के कई शिक्षण संस्थानों ने कल्याण विभाग में अपना रिनुअल भी नहीं कराया है। इसकी वजह से उन संस्थानों का नाम पोर्टल पर नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में इन संस्थानों के छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि विभाग ने रिनुअल नहीं कराने वाले शिक्षण संस्थानों को नोटिस दिया है। इसके बावजूद संस्थान लापरवाही बरत रहे हैं।
प्री व पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत मिलने वाली राशि
कक्षा – वार्षिक राशि
पहली से पांचवी – 1500 रुपये
छठी से आठवीं – 2500 रुपये
हॉस्टल में रहने वाले – 2000 रुपये
पोस्ट मैट्रिक (कक्षा 12) – 4500 रुपये
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