खूंटी। झारखंड में खूंटी पुलिस ने नक्सली संगठन पीएलएफआइ के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। पिछले कुछ दिनों में पीएलएफआइ नक्सलियों की बढ़ी सक्रियता के कारण पुलिस ने संगठन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस अभियान में उन नक्सलियों की पहचान की गयी है, जो वांछित हैं और उनके इशारे पर क्षेत्र में अपराध बढ़े हैं, जिसमें बंदगांव थाना क्षेत्र निवासी सब जोनल कमांडर तीरा बोदरा उर्फ लंबू भी शामिल है।
लंबू के खिलाफ मुरहू, अड़की, बंदगांव, रनिया और गुदरी थाने में दर्जनों नक्सली मामले दर्ज हैं और वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने संगठन के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान की शुरूआत सब जोनल कमांडर के घर पर इश्तेहार चस्पा कर की। अड़की और बंदगांव पुलिस ढोल बजाते हुए कुख्यात नक्सली के गांव पहुंची और उसके घर पर इश्तेहार चस्पां किया।
मौके पर पुलिस ने नक्सली के परिजनों से कहा कि वे उससे सरेंडर करने को कहें, क्योंकि सरकार की सरेंडर नीति के तहत उसे और उसके परिजनों को लाभ मिलेगा, नहीं तो इस बार उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। पुलिस ने नक्सली के परिजनों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे क्षेत्र के सभी नक्सलियों और खासकर लंबू दस्ते से जुड़े लोगों को मुख्यधारा में शामिल होने को कहें, अन्यथा उन्हें मार दिया जायेगा।
डीएसपी वरुण रजक ने बताया कि पीएलएफआइ संगठन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान पुलिस ने अड़की थाना में दर्ज कांड संख्या 67/23 के सिलसिले में बंदगांव थाना के जिकिलाता स्थित पीएलएफआइ सब जोनल कमांडर तीरा बोदरा उर्फ लंबू उर्फ रडूंग बोदरा के घर पर ढोल नगाड़े बजाये और इश्तेहार चस्पां किया। उन्होंने बताया कि उस पर आरोप है कि तिरला पंचायत अंतर्गत पुलिया निर्माण के दौरान ठेकेदार से लेवी वसूली के लिए आतंक पैदा करने को लेकर जनरेटर सहित अन्य निर्माण में लगे उपकरणों में आग लगायी थी। डीएसपी ने बताया कि पुलिस ने अब तक पीएलएफआइ संगठन और खासकर लंबू दस्ते के दो दर्जन से अधिक नक्सलियों को गिरफ्तार किया है।