रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को समाज के गरीब, दलित और वंचित वर्गों के उत्थान में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय अंबेडकर पुरस्कार’ से नवाजा गया है। मजदूर दिवस के अवसर पर रांची स्थित उनके आवास पर आयोजित एक सादे और गरिमामय कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। बहुजन साहित्य अकादमी द्वारा दिया जाने वाला यह पुरस्कार जनसेवा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है। शनिवार को अंबेडकर स्कूल आॅफ मार्शल आर्ट्स के अध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अनिल बांसफोर, जो अकादमी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, ने बाबूलाल मरांडी के आवास पहुंचकर उन्हें यह पुरस्कार भेंट किया। इस दौरान अनिल बांसफोर ने मरांडी की सामाजिक प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करने के लिए समर्पित रहा है।
पुरस्कार के चयन की प्रक्रिया के बारे में बताया गया कि मरांडी का चयन 15 मार्च 2026 को तिरुपति में आयोजित अकादमी के 18वें राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान ही कर लिया गया था। हालांकि, किसी अपरिहार्य कारण से उस समय वे वहां उपस्थित नहीं हो सके थे, जिसके चलते अब यह सम्मान उन्हें व्यक्तिगत रूप से उनके निवास पर जाकर सौंपा गया है। सम्मान ग्रहण करने के पश्चात बाबूलाल मरांडी ने अकादमी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराता है। उन्होंने इस सम्मान को झारखंड के उन गरीब और पिछड़े लोगों को समर्पित किया जिनकी सेवा के लिए वे सदैव तत्पर रहे हैं। इस मौके पर कई सामाजिक कार्यकर्ता और उनके समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के लिए गौरव का विषय बताया।

