पूर्वी सिंहभूम। शहर के मानगो थाना क्षेत्र में संपत्ति विवाद को लेकर 84 वर्षीय बुजुर्ग शदरुल आलम के साथ मारपीट करने का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। लंबे समय तक पुलिस स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठने के बाद पीड़ित ने अदालत की शरण ली, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। न्यायिक दंडाधिकारी एस. तिग्गा की अदालत ने बीएनएसएस की धारा 175 के तहत मानगो थाना को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत के आदेश के अनुपालन में थाना प्रभारी की ओर से बुधवार को केस दर्ज कर लिया गया है।
मामले में शदरुल आलम ने अपने तीन बेटों रुस्तम आलम, मोहम्मद सलीमुद्दीन और शेख अमजद अली के अलावा बहू शाहीन फातमा तथा दो पोते फैसल हुसैन और एहतेशाम आलम को आरोपित बनाया है। पीड़ित की ओर से अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू और अधिवक्ता बबिता जैन ने अदालत में पक्ष रखते हुए बताया कि 2 दिसंबर को सभी आरोपितों ने मिलकर बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई की थी। इस दौरान जब उनकी बेटी सायदा खातून बचाव करने पहुंची, तो उसके साथ भी मारपीट की गई।
शिकायत के अनुसार, शदरुल आलम ने अपने जीवनकाल में ही बेटों को रहने के लिए घर और दुकान दे दिया था। इसके बाद वे अपनी पत्नी के साथ अलग रहने लगे थे। आरोप है कि बाद में शेख अमजद अली और उसकी पत्नी उनके पास आकर रहने लगे और लगातार उत्पीड़न करने लगे। जब बुजुर्ग ने उन्हें घर खाली करने को कहा, तो परिवार के अन्य सदस्य भी वहां पहुंचे और सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई।
घटना में घायल शदरुल आलम का इलाज टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में कराया गया था। पीड़ित ने पहले मानगो थाना और बाद में वरीय पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें अदालत का सहारा लेना पड़ा। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी आरोपों की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



